हमले के बाद न्यायालय कर्मचारी की मौत से आक्रोश, परिजनों ने गिरफ्तारी की मांग की
संवाददाता अमृतपुर
राजेपुर फर्रुखाबाद थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी न्यायालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमित मिश्रा (36) की मंगलवार को मौत के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। 27 सितंबर की रात बाइक सवार तीन अज्ञात युवकों द्वारा कथित रूप से हमला किए जाने के बाद से अमित परेशान चल रहे थे। मंगलवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लोहिया अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और न्यायालय कर्मचारियों व परिजनों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों के अनुसार, अमित 27 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले बाइक सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक गिरा दी। आरोप है कि अमित जान बचाकर भागे तो युवकों ने पीछा कर उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। अमित के भाई आलोक मिश्रा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था।
विरोध के बाद अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
अमित की मौत के बाद परिजन और न्यायालय कर्मचारी आक्रोशित हो गए। लोहिया अस्पताल की मोर्चरी से लेकर कलेक्ट्रेट गेट तक विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस के अनुसार घटना के समय क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल नंबरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
पांचाल घाट पर कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
मामले को लेकर बढ़े आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अमित मिश्रा के शव का पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। घाट पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्नी रोली और दो बच्चों का रो रो कर बुरा हाल हो गया क्षेत्र में शोक लहर फेल गई


