कोलकाता: बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) को आज बुधवार को आधिकारिक तौर पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग का सलाहकार नियुक्त किया गया। राज्य सरकार ने बुधवार को इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। नोटिफिकेशन में यह भी साफ़ किया गया कि इस पद का दर्जा राज्य के कैबिनेट मंत्री के बराबर होगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने पिछले महीने बंगाली सिनेमा के दिग्गज कलाकार उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में इस बारे में संकेत दिया था। राज्य सरकार ने बुधवार शाम को इस मामले में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही, उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। यह घोषणा कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के IAS सेल द्वारा जारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन के ज़रिए की गई।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह नियुक्ति तुरंत लागू होगी और मिथुन अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। प्रशासनिक हलकों में इस फ़ैसले को बहुत अहम माना जा रहा है। नोटिफिकेशन जारी होने से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। मई में सत्ता परिवर्तन और सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही अलग-अलग स्तरों पर प्रशासनिक फेरबदल और ज़िम्मेदारियों का बंटवारा चल रहा है। इसी पृष्ठभूमि में मिथुन चक्रवर्ती को इतने अहम पद पर नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत में मिथुन की अहम भूमिका रही। उन्होंने पूरे राज्य में पार्टी के लिए ज़ोर-शोर से प्रचार किया और बीजेपी ने जनता से जुड़ने के लिए उनकी लोकप्रियता का फ़ायदा उठाया। यह नई नियुक्ति पार्टी के प्रति उनकी कड़ी मेहनत और वफ़ादारी की बड़ी पहचान है। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर सरकार ने प्रशासन में उनके महत्व को दिखाया है।
नतीजतन, ‘संस्कृति’ जैसे संवेदनशील विभाग की ज़िम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपी गई है, जिसे इस क्षेत्र का सीधा अनुभव है। उम्मीद है कि उनके व्यापक अनुभव से आने वाले समय में राज्य के सांस्कृतिक माहौल को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मिथुन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा सांसद के तौर पर की थी, लेकिन बाद में उन्होंने उच्च सदन से इस्तीफ़ा दे दिया। इसके बाद वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे।
हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए और पार्टी के एक अहम चेहरे के तौर पर उभरे। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और कई चुनौतियों के बावजूद, जब भी पार्टी को ज़रूरत पड़ी, उन्होंने पूरे राज्य का दौरा किया—और जनसभाओं व रोड शो में अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराई। तब से, बंगाल बीजेपी में उनकी स्वीकार्यता और कद लगातार बढ़ा है। वे 2026 के चुनावों के दौरान पार्टी के स्टार प्रचारक भी रहे।


