लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चर्चित कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में आरोपी वरुण सिंह के दुबई में होने की आशंका गलत निकली है। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि वह दुबई से काफी पहले भारत लौट आया था और फिलहाल यहीं छिपा हुआ है। उसकी तलाश जारी है। इससे पहले जांच एजेंसी ने दावा किया था कि वरुण, मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और उसके मौसेरे भाई गौरव के साथ दुबई में है।
जांच के मुताबिक, कफ सिरप के अवैध कारोबार में वरुण सिंह की भूमिका अहम रही है। वह शुभम जायसवाल का साझेदार था और धनबाद व रांची में सिंडिकेट का कारोबार संभालता था। एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी आलोक सिंह ने बताया था कि उसकी बातचीत वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और विशाल मेहरोत्रा से हुई थी। इसके बाद जनवरी 2024 में धनबाद में आलोक के नाम से श्रेयसी मेडिकल एजेंसी की फर्म खुलवाई गई। आरोप है कि आलोक और अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा ने इस कारोबार में पांच-पांच लाख रुपये लगाए थे। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वरुण भी कथित तौर पर फर्जी फर्मों, कूटरचित बिल और ई-वे बिल के जरिए कफ सिरप की खरीद-बिक्री को वैध कारोबार के रूप में दिखाता था। अब जांच एजेंसियां संबंधित फर्मों के दस्तावेजों, बैंक खातों में हुए लेनदेन और सिरप की वास्तविक सप्लाई की पड़ताल कर रही हैं।
वरुण के भारत लौटने की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, एसटीएफ शुभम जायसवाल और गौरव को भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि वरुण की गिरफ्तारी से धनबाद और रांची में चल रहे कथित कारोबार, वित्तीय लेनदेन और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
कफ सिरप कांड का आरोपी वरुण सिंह भारत में छिपा, एसटीएफ कर रही तलाश


