लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग और नौकरशाही भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को अपने हिसाब से चलाया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र और संविधान पर संकट खड़ा हो गया है। अखिलेश ने मांग की कि चुनाव आयोग सामने आकर स्पष्ट करे कि वह भाजपा के इशारे पर काम नहीं करेगा।
डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, प्रचार हुआ और पूरा प्रशासन जुटा रहा, लेकिन अब दोबारा मतदाता बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसके बावजूद मतदाता सूची में फर्जी नाम शामिल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि आजमगढ़ की सदर विधानसभा सीट पर एक ही व्यक्ति के नाम से दस वोट दर्ज हैं। उन्होंने विकास यादव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि एक व्यक्ति के नाम पर दस वोट होने से बाकी नौ वोटों का गलत इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस मामले में जवाब देना चाहिए।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से हर बूथ पर 200-200 वोट बढ़ाने के लिए कहा था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चाहती है कि मतदाता सूची में केवल उसके समर्थकों के नाम रहें। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में चुनाव आयोग का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है और जनता व पार्टी कार्यकर्ता भाजपा को कथित धांधली नहीं करने देंगे। उन्होंने भाजपा सरकार पर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। उनके मुताबिक, महिला पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार हो रहा है।
इस दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
अखिलेश यादव बोले- चुनाव आयोग सामने आए और कहे कि भाजपा के इशारे पर काम नहीं करेगा


