लखनऊ। प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले में परिजन निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतका की मां अपनी एक माह की नातिन को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने जनसेवा हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमओ के अनुसार, मामले की जांच चल रही है और लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
मोहनलालगंज के टिकरा साहनी गांव निवासी संदीप की पत्नी प्रीति (28) को छह सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर जनसेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, प्रसव के लिए अस्पताल में 25 हजार रुपये जमा कराए गए थे। डिलीवरी के बाद प्रीति की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें क्वीनमेरी रेफर कर दिया। वहां बेड नहीं मिलने पर परिजन उन्हें मेदांता अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
प्रीति की मां माधुरी ने सितंबर में आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार को वह इसी मामले में बयान दर्ज कराने सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें सीएमओ से मिलने नहीं दिया। बाद में जूनियर डॉक्टर संदीप सिंह ने उनके बयान दर्ज किए। माधुरी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई तो परिजन सीएमओ कार्यालय पर धरना देंगे।
दूसरी ओर, जनसेवा हॉस्पिटल, मोहनलालगंज के संचालक प्रमोद शुक्ला ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि प्रीति का सिजेरियन प्रसव हुआ था, जिसके बाद उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया। इसके बाद परिजन उन्हें डिस्चार्ज कराकर दूसरे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हुई।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। लापरवाही की पुष्टि होने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
प्रसव के बाद महिला की मौत, एक माह की नातिन को लेकर न्याय की गुहार लगा रही नानी


