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Monday, June 15, 2026

उत्तर प्रदेश में 2 गीगावाट सौर ऊर्जा से लेकर एआई डेटा सेंटर तक, निवेश की बड़ी तैयारी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ऊर्जा, कृषि, डिजिटल तकनीक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का खाका तैयार किया गया है। प्रस्तावित योजनाओं में 2 गीगावाट क्षमता की फ्लोटिंग एवं ग्राउंड-माउंटेड सोलर परियोजनाएं, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बेस ), ग्रीन हाइड्रोजन, बायो-सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (Bio-SAF), स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर ) आधारित स्वच्छ ऊर्जा, एआई आधारित हाइपर-स्केल डेटा सेंटर तथा रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर के साथ समन्वित विकास जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रस्ताव के अनुसार राज्य के उपयुक्त जलाशयों एवं चयनित स्थलों पर 2 गीगावाट तक की फ्लोटिंग एवं ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ 1000 एमwH क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की जाएगी। इसके अलावा हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन एवं बायो-एसएएफ परियोजनाओं को विकसित किया जाएगा।

औद्योगिक क्षेत्रों को चौबीसों घंटे निर्बाध एवं कार्बन-मुक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएम आर ) तकनीक आधारित ऊर्जा परियोजनाओं पर भी कार्य प्रस्तावित है। वहीं कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए डीएवी , यूरिया एवं फॉस्फेट जैसे उर्वरकों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने तथा नैनो एवं तरल उर्वरकों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

सहकारी क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए पीसीएफ , साधन सहकारी समितियों एवं अन्य संस्थाओं को भंडारण, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक आपूर्ति श्रृंखला अवसंरचना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विश्वस्तरीय एआई आधारित हाइपर-स्केल डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।

इसके साथ ही यूपीड़ा एवं यूपीसीड़ा के सहयोग से औद्योगिक पार्क, स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर के छहों नोड्स में उच्च तकनीक विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने की भी रणनीति तैयार की गई है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, तकनीकी साझेदारों और वित्तीय संस्थानों को आकर्षित कर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई ) लाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार से निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से त्वरित अनुमोदन, यूपीसीड़ा एवं यूपीड़ा के जरिए भूमि आवंटन, जल एवं विद्युत अवसंरचना की उपलब्धता तथा विभिन्न औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीतियों के तहत सहयोग की अपेक्षा की गई है।

इस बीच सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले यूथ इंडिया ने भी इन विकासोन्मुख परियोजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख व्यक्त किया है। यूथ इंडिया का कहना है कि राज्य के औद्योगिक, कृषि और तकनीकी विकास से जुड़े ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए वह अपने शुभचिंतक उद्यमियों, उद्योगपतियों और निवेशकों के माध्यम से सहयोग का वातावरण तैयार करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा। मीडिया संस्थान का मानना है कि यदि इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया तो उत्तर प्रदेश रोजगार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है।यह ड्राफ्ट सीधे प्रेस विज्ञप्ति या समाचार के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

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