दत्तापुकुर (उत्तर 24 परगना): पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना (North 24 Parganas) ज़िले के घनी आबादी वाले दत्तपुकुर इलाके में शुक्रवार रात बनियान बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री (illegal vest manufacturing factory) में बॉयलर फटने से कम से कम एक मज़दूर की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जब बारासात की पुलिस अधीक्षक जे. मर्सी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन ज़िला पुलिस के एक अधिकारी ने मज़दूर की मौत की पुष्टि की और बताया कि धमाके की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
इन फैक्ट्रियों की कानूनी स्थिति का पता लगाने के लिए भी जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, “बिना सरकारी मंज़ूरी के चल रही किसी भी फैक्ट्री को बंद कर दिया जाएगा।” इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाराज़गी जताई और घनी आबादी वाले इलाके में ऐसी अवैध फैक्ट्रियों के होने पर प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में दत्तापुकुर के तालदारिया घोषपारा इलाके में बनियान बनाने वाली कई फैक्ट्रियां खुल गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से ज़्यादातर फैक्ट्रियां अवैध रूप से चल रही हैं और उनमें प्रदूषण नियंत्रण की ज़रूरी सुविधाएं और आग से सुरक्षा के उचित इंतज़ाम नहीं हैं।
शुक्रवार को इनमें से ही एक अवैध फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। धमाके की ज़ोरदार आवाज़ से आस-पास के घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। धमाके के बाद फैक्ट्री का मलबा आस-पास के घरों में बिखर गया।
मौके पर जाने पर पता चला कि फ़ैक्ट्री एक भीड़-भाड़ वाले और घनी आबादी वाले इलाके में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मज़दूरों के काम करने की जगह के आस-पास लकड़ी और दूसरी आग पकड़ने वाली चीज़ों के ढेर लगे हुए थे; उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे माहौल में आग पर काबू पाना बहुत मुश्किल होगा।
एक चश्मदीद शुभ्रादीप बिस्वास ने कहा, “अचानक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनकर हम बाहर भागे। हमें फ़ैक्ट्री के अंदर से लोगों के चिल्लाने और चीखने की आवाज़ें सुनाई दे रही थीं। हम मौके पर पहुँचे तो देखा कि एक मज़दूर की लाश लकड़ी के ढेर के बीच पड़ी थी और चारों तरफ़ आग लगी हुई थी। दो अन्य लोग चोटों के कारण दर्द से तड़प रहे थे। हम तीनों को अस्पताल ले गए।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे लिए यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी इन अवैध फ़ैक्ट्रियों में धमाकों से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हमने पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन कुछ नहीं किया गया। ये अवैध फ़ैक्ट्रियाँ बिना किसी उचित सुरक्षा इंतज़ाम के घनी आबादी वाले इलाकों में चल रही हैं।”
एक और स्थानीय निवासी शंकर मल्लिक ने कहा, “तालदारिया घोषपारा इलाके में सिर्फ़ एक या दो नहीं, बल्कि कई अवैध बनियान बनाने वाली फ़ैक्ट्रियाँ हैं। इन फ़ैक्ट्रियों में सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं है। इस धमाके से पहले भी यहाँ मौतें हो चुकी हैं। हमें समझ नहीं आता कि प्रशासन इन मुद्दों पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। हम चाहते हैं कि प्रशासन निष्पक्ष जाँच करे और उचित कार्रवाई करे।”


