– जनगणना ड्यूटी और ब्रिज कोर्स पर उठे अहम मुद्दे
फर्रुखाबाद। जनपद में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर यूटा संगठन का प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिला। बैठक में शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए, जिन पर बीएसए ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए समाधान का आश्वासन दिया। संगठन ने इसे शिक्षकों के हित में सकारात्मक पहल बताया है।
यूटा संगठन की ओर से सबसे प्रमुख मांग प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की उठाई गई। संगठन ने कहा कि विद्यालय संचालन और शैक्षणिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए इस संबंध में शासन को पुनः पत्र भेजा जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस विषय पर पुनः पत्राचार कराने का आश्वासन दिया।
बैठक में 69000 शिक्षक भर्ती के तहत नियुक्त उन शिक्षकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया जो बी.एड. योग्यताधारी हैं और जिन्हें अनिवार्य ब्रिज कोर्स करना है। संगठन ने मांग की कि ऐसे शिक्षकों को जनगणना और अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए ताकि उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण प्रभावित न हो। बीएसए ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया।
इसके अलावा प्रेरणा पोर्टल पर उपस्थिति लॉक न हो पाने की तकनीकी समस्या भी बैठक में उठाई गई। संगठन ने बताया कि कई विद्यालय तकनीकी कारणों से बच्चों की उपस्थिति समय पर लॉक नहीं कर पाए थे। इस पर बीएसए ने निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालय आगामी दिनों में उपस्थिति लॉक कर सकते हैं।
दिव्यांग शिक्षकों के बढ़े हुए यात्रा भत्ते के भुगतान का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से रखा गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि इस विषय पर उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के बाद यूटा संगठन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और समाधान का आश्वासन देना सकारात्मक संकेत है। संगठन ने उम्मीद जताई कि जल्द ही शिक्षकों को राहत देने वाले निर्णय धरातल पर दिखाई देंगे।
शिक्षकों की समस्याओं को लेकर यूटा संगठन ने बीएसए से की मुलाकात


