फर्रुखाबाद। जिले में प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर जनता का गुस्सा सड़कों पर उतरता दिख रहा है। 30 अप्रैल को बड़ी संख्या में लोगों ने अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले में प्रीपेड मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं, जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश था कि केवल इच्छुक उपभोक्ताओं के यहां ही ऐसे मीटर लगाए जाएं। इसके उलट ठेकेदारों और कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर दबाव बनाकर मीटर ठोकने के आरोप लगे हैं।
सबसे गंभीर आरोप अनाप-शनाप बिजली बिलों को लेकर है। लोगों का कहना है कि पहले ही गलत बिलिंग से जनता परेशान थी, अब प्रीपेड मीटर ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। उपभोक्ताओं को बिना स्पष्ट जानकारी के रिचार्ज सिस्टम में धकेला जा रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा असर पड़ रहा है।
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने साफ कहा कि “पूरा जिला बिजली विभाग के रवैये से त्रस्त है। अधिकारी जनता की शिकायत सुनने की स्थिति में नहीं हैं। जो लोग पोस्टपेड मीटर चाहते हैं, उनके मीटर तुरंत बदले जाएं, वरना बड़ा आंदोलन होगा।”
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “अधिकारी खुद को सेवक नहीं, राजा समझ रहे हैं। कर्मचारी बेलगाम हो चुके हैं, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। अगर रवैया नहीं बदला तो गुस्सा सड़कों पर फूटेगा।”
समाजसेवी वसीमउज्ज जमा खान ने कहा कि यह मुद्दा अब जनहित का बड़ा सवाल बन चुका है और सभी वर्ग मिलकर आंदोलन करेंगे। वहीं आचार्य अमरीश तिवारी ने विभाग को चेताया कि जनता के दर्द को समझना होगा, वरना हालात बिगड़ेंगे।
पूर्व सभासद निशित दुबे उर्फ नीशू ने आरोप लगाया कि मीटर लगाने के दौरान कई जगह कर्मचारियों ने बदसलूकी की और जबरन पैसे वसूले गए,जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने साफ कहा कि यदि यह दोबारा हुआ तो जनता खुद जवाब देगी।
समाजसेवी हाजी शमी उल्ला खान ने भी अधिकारियों पर जनता की शिकायतें न सुनने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में डॉ. पंकज राठौर, आलोक मिश्रा, सतीश दीक्षित, मनोज अग्निहोत्री, एडवोकेट आयुष सक्सेना, रजत वर्मा, नीरज यादव, राम लखन शुक्ला, राजीव पाल, जाकिर खान, आशुतोष मिश्रा, सुमित भल्ला, दिनेश राजपूत, राघव वर्मा, उमेश जाटव, प्रशांत मिश्रा, सनी बाथम, मुकेश बाथम, रामबरन शाक्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद साफ ऐलान किया गया यदि प्रीपेड मीटर को लेकर जबरन नीति बंद नहीं हुई और पोस्टपेड में बदलाव की मांग नहीं मानी गई, तो बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।


