नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मुलाकात ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। बुधवार को 10 जनपथ में करीब 90 मिनट चली इस बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि विलय को लेकर उसकी ओर से कोई पहल नहीं की गई है और यदि ऐसा कोई प्रस्ताव होगा तो वह तृणमूल कांग्रेस की तरफ से आना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में INDIA गठबंधन को मजबूत करने, विपक्षी एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। इससे पहले तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी झटकों और पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी के बीच तृणमूल कांग्रेस कांग्रेस के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसी बीच तृणमूल सांसद सुष्मिता देव के पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देने से संकट और गहरा गया है। सुष्मिता देव के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी तेज हैं, खासकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद।
वहीं भाजपा ने पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए विपक्षी दलों पर सत्ता के लिए अवसरवादी राजनीति करने का आरोप लगाया है। हालांकि कांग्रेस और तृणमूल दोनों ही दल फिलहाल विलय की अटकलों से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही शीर्ष स्तर की बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


