– 42,624 अभ्यर्थियों वाली भर्ती परीक्षा पर कड़ा पहरा
फर्रुखाबाद। होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर जनपद में सुरक्षा का ऐसा घेरा खड़ा किया गया है कि “परिंदा भी पर न मार सके”यह सिर्फ बयान नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बनती दिख रही है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने 25, 26 और 27 अप्रैल को होने वाली परीक्षा से पहले कई केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वालों को सख्त चेतावनी दे दी है।
डीएम-एसपी की संयुक्त टीम ने आर.पी. इंटर कॉलेज कमालगंज, आर.पी. पी.जी. कॉलेज कमालगंज, फिरोज गांधी इंटर कॉलेज कमालगंज और जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज फतेहगढ़ का बारीकी से निरीक्षण किया। स्ट्रॉन्ग रूम से लेकर सीसीटीवी कंट्रोल रूम तक हर बिंदु पर खुद जाकर जांच की गई और मौके पर ही खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा शौचालय साफ-सुथरे हों, पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो और बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली हर हाल में चालू रहे। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं एसपी आरती सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग और पहचान सत्यापन में जरा सी ढिलाई भी मिली तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
जनपद में इस भर्ती परीक्षा के लिए कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है, जबकि 2 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 4 स्टैटिक मजिस्ट्रेट रिजर्व में रखे गए हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी, हर पाली में 7,104 अभ्यर्थी शामिल होंगे। यानी तीन दिनों में कुल 42,624 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे,इतने बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, पर्स, स्मार्टवॉच, स्मार्टबैंड, सनग्लासेस और हैंडबैग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। हर केंद्र पर क्लॉक रूम बनाए गए हैं, जहां अभ्यर्थियों को अपना सामान जमा करना होगा। प्रवेश सिर्फ पेन, प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्र के साथ ही मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे डीएम नें साफ कहा कि इस परीक्षा में नकल या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। जिले में इस बार प्रशासन का रुख साफ है भर्ती परीक्षा की साख पर आंच नहीं आने दी जाएगी, चाहे इसके लिए कितनी भी सख्ती क्यों न करनी पड़े। “यूथ इंडिया” की पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के बाद इस बार जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है।


