फर्रुखाबाद। समाज कल्याण विभाग में होने वाले कार्यों के ठेकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मैनपुरी निवासी अयाज मंसूरी जो बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात बताया जाता है, अपने परिजनों के नाम से संचालित कई फर्मों के माध्यम से फर्रुखाबाद में समाज कल्याण विभाग के कार्यों के टेंडर लगातार हासिल कर रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अयाज मंसूरी की जिले के कई प्रभावशाली अधिकारियों से नजदीकियां होने की चर्चा है, जिसके चलते उसके खिलाफ शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। आरोप यह भी हैं कि विभाग में ठेकों की प्रक्रिया पर कुछ चुनिंदा लोगों का दबदबा कायम हो गया है, जिससे अन्य ठेकेदारों के लिए अवसर लगभग समाप्त होते जा रहे हैं।चर्चाओं का बाजार उस समय और गर्म हो गया जब मैनपुरी से आए उक्त ठेकेदार के समाज कल्याण विभाग की नवनियुक्त अधिकारी शालिनी से मुलाकात करने और महंगे उपहार एवं मिठाई लेकर पहुंचने की बातें सामने आईं। सूत्रों का दावा है कि ठेकेदार ने अपने करीबी लोगों के बीच यह भी कहा कि उसने नए अधिकारी से संबंध स्थापित करने शुरू कर दिए हैं और भविष्य के अधिकांश ठेके भी उसी के पास रहेंगे।
यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल सरकारी टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था को भी चुनौती देता है। स्थानीय ठेकेदारों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टेंडर प्रक्रिया नियमों के अनुसार संचालित हो रही है या नहीं।


