नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 घंटे के भीतर 7 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जलभराव के चलते बुधवार को लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। शहर में 1,000 से अधिक घरों के आसपास पांच फीट तक पानी भर गया है।
राजस्थान के छह जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में पिछले 24 घंटे में 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई। जयपुर में बारिश के दौरान जेके लोन अस्पताल के सामने बस स्टैंड का शेड गिर गया, जिससे कुछ लोग उसके नीचे फंस गए।
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े हुए हैं। राज्य में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन समेत 259 सड़कें बंद, 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। कुल्लू में एनएच-305 पर चलती कार पर चट्टानें गिरने से दो लोग घायल हो गए। कई इलाकों में एहतियातन स्कूल भी बंद किए गए हैं।
उत्तराखंड के चमोली की नीती घाटी में बादल फटने के बाद तमक नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से करीब 35 फीट लंबा और 17 टन स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया। हिमाचल और उत्तराखंड में कई प्रमुख मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हैं।
उत्तर प्रदेश में भी गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बिजनौर और फर्रुखाबाद में बाढ़ का असर है। फर्रुखाबाद में करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में बताए गए हैं, जबकि बिजनौर में कई सड़कों पर पानी भर गया है। वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं और घाटों को जोड़ने वाले रास्ते भी जलमग्न हैं।
देश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिला। बिहार में मंगलवार को बिजली गिरने से बांका और नवादा में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 101 पहुंच गई है और सात जिलों में एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके चलते मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। वहीं बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत में आने वाले दिनों में भी भारी बारिश हो सकती है।


