नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सियासी टकराव का केंद्र बन गया। सत्ता पक्ष ने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष को घेरा, जबकि विपक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। संसद परिसर में दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दों वाली तख्तियां लेकर आमने-सामने नजर आए।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरने वाले नेता झारखंड में छात्रों पर हुई कार्रवाई पर चुप क्यों हैं। वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल किया कि अगर छात्रों की बात सुनने की तैयारी थी तो फिर उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर 10 अगस्त को रांची में पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसके बाद भाजपा ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। मामले ने अब संसद में भी राजनीतिक रंग ले लिया है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से सदन चलाने में सहयोग की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी नारेबाजी जारी रही और हंगामे के बीच सरकार ने विधायी कामकाज आगे बढ़ाया।
लोकसभा में केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने से संबंधित विधेयक, 2026 मतदान के लिए रखा गया, जिसे सदन ने पारित कर दिया। इसके बाद राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से संबंधित विधेयक भी हंगामे के बीच पारित हुआ। लोकसभा की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी सुबह से हंगामा जारी रहा। कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने विधेयक का विरोध करते हुए ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता और नियुक्तियों से जुड़े सवाल उठाए।
संसद परिसर के बाहर भी दोनों पक्षों के सांसदों ने प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष के सांसद झारखंड के छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष को घेरते दिखे, जबकि विपक्षी सांसद दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते रहे। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गरमाया रहा।


