कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को गुरुवार को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बड़ाईक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हाल के दिनों में पार्टी छोड़ने वाले वह तीसरे राज्यसभा सदस्य हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से पार्टी की संसदीय ताकत कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
प्रकाश चिक बड़ाईक से पहले वरिष्ठ नेता सूखेदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार तीन इस्तीफों ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को उजागर कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और सदस्य भी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं।
इन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 10 रह जाने की संभावना है। इससे संसद में पार्टी की ताकत और प्रभाव दोनों पर असर पड़ सकता है।लोकसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली तृणमूल कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम किसी बड़े संकट से कम नहीं माना जा रहा। यदि इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा तो पार्टी को संसद के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।


