– नई दिल्ली अपने सरकारी आवास मे यूथ इंडिया से रूबरू हुए सांसद
– संपादक शरद कटियार से सीधी बात
नई दिल्ली/कानपुर। पश्चिम बंगाल की सियासत में भाजपा ने जीत का बिगुल फूंकने का मन बना लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले कानपुर के सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश अवस्थी ने अपने दिल्ली स्थित आवास पर दिए विशेष इंटरव्यू में साफ कहा “हर कीमत पर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी विजय श्री हासिल करेगी, यह केवल लक्ष्य नहीं, संकल्प है।
उन्होंने बताया कि पार्टी ने इस बार चुनाव को लेकर असाधारण रणनीति बनाई है और जमीनी स्तर से लेकर बूथ प्रबंधन तक हर स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। खास बात यह है कि कई नेताओं और उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्रत देव सिंह, जेपीएस राठौर सहित यूपी से तीन प्रमुख सांसदों को विशेष जिम्मेदारी देकर बंगाल चुनाव की कमान सौंपी गई है, जिनमें वरिष्ठ नेता अवस्थी भी शामिल हैं।
हाईकमान का भरोसा, रणनीति का केंद्र बने यूपी के नेता
सांसद श्री अवस्थी ने कहा कि किया कि केंद्रीय नेतृत्व, खासतौर पर पीएम मोदी और अमित शाह , ने बंगाल की जनता पर गहरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा “बंगाल केवल एक राज्य नहीं, यह वैचारिक लड़ाई का केंद्र है। यहां जीत का मतलब पूरे देश में एक बड़ा संदेश देना होगा।
सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं को संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और स्थानीय समीकरणों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी मॉडल जिसमें मजबूत संगठन, माइक्रो मैनेजमेंट और आक्रामक प्रचार शामिल है, इन सब को बंगाल में लागू किया गया है।
बातचीत मे में यह भी सामने आया कि भाजपा इस बार बंगाल में युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर चुनावी रणनीति बना रही है। पार्टी का मानना है कि बेरोजगारी, सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दों पर जनता में असंतोष है, जिसे चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा।
सांसद श्री अवस्थी ने दावा किया “बंगाल की जनता बदलाव चाहती है। भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और राजनीतिक हिंसा से लोग त्रस्त हैं। भाजपा ही विकल्प बनकर उभर रही है।”
इस इंटरव्यू ने साफ कर दिया है कि भाजपा बंगाल चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। केंद्रीय नेतृत्व की सीधी निगरानी, यूपी के कई वरिष्ठ नेताओं की तैनाती और आक्रामक रणनीति ये सभी संकेत देते हैं कि इस बार मुकाबला बेहद तीखा दिखने वाला है।
बड़ा सवाल है कि क्या यूपी मॉडल बंगाल में काम करेगा? क्या भाजपा वास्तव में वहां सत्ता परिवर्तन कर पाएगी, या फिर यह भी एक बड़ा राजनीतिक दांव साबित होगा?
फिलहाल इतना तय है बंगाल की सियासत अब निर्णायक मोड़ पर है, और आने वाले चुनाव में हर चाल, हर बयान और हर रणनीति पर पूरे देश की नजर रहेगी।


