– प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक में कई अहम निर्णय, 75% न्यूनतम परिणाम का लक्ष्य तय
फर्रुखाबाद। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्याम नगर में आयोजित ‘प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक’ के द्वितीय दिवस पर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के तत्वावधान में हुआ।
बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. राम मनोहर (सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री) एवं विशिष्ट अतिथि राजकुमार (क्षेत्रीय संयोजक, संस्कृति बोध परियोजना) की उपस्थिति में हुआ।
प्रथम सत्र में डॉ. राम मनोहर ने कहा कि किसी भी संस्थान की सफलता उसके कार्य और कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है। उन्होंने ‘पंच प्राण’ के विकास पर जोर देते हुए शिक्षकों से परीक्षा परिणाम बेहतर करने का आह्वान किया और प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही अभिभावकों से निरंतर संपर्क और ‘पंचकोशात्मक विकास’ को आवश्यक बताया।
द्वितीय सत्र में प्रवेश परीक्षा को उत्सव के रूप में मनाने, शिशु वाटिका को सुदृढ़ करने तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के लिए उपयुक्त शैक्षिक मानकों पर विचार किया गया।
बैठक में विद्यालयों में संगीतमय वंदना, वाद्य यंत्रों की उपलब्धता और संगीत शिक्षक की नियुक्ति पर बल दिया गया। इसके साथ ही बी.पी.एड. शिक्षकों की नियुक्ति, विज्ञान प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों में नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रस्तावों पर सहमति बनी।
अंत में उपस्थित प्रधानाचार्यों को निष्ठा एवं निस्वार्थ भाव से कार्य करने का संकल्प दिलाया गया। जानकारी विद्यालय के मीडिया प्रभारी रामानुज अग्निहोत्री ने दी।


