एटा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के दावों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जल शक्ति मंत्रालय की उच्च स्तरीय टीम इन दिनों एटा जनपद में लगातार सक्रिय है। बीते तीन दिनों से टीम ने जिले में डेरा डाल रखा है और गांव-गांव जाकर पेयजल परियोजनाओं का गहन निरीक्षण कर रही है। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए हर पहलू को बारीकी से परखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, टीम अब तक करीब 10 से अधिक गांवों का दौरा कर चुकी है, जहां पाइपलाइन बिछाने के कार्य, ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) का निर्माण, मोटर संचालन, जलापूर्ति की नियमितता, जल की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की गहराई से जांच की गई। कई स्थानों पर टीम ने पाइपलाइन लीकेज, अधूरे निर्माण कार्य और जलापूर्ति में अनियमितता जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया।
इस निरीक्षण टीम में जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल विशेषज्ञ एमसी बालामुनि और विनादे धीमन के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उनके साथ जल निगम (ग्रामीण) के स्थानीय इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं, जो मौके पर ही आवश्यक अभिलेख, प्रगति रिपोर्ट और तकनीकी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों का मिलान जमीनी हकीकत से किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं योजनाएं केवल कागजों तक सीमित तो नहीं रह गई हैं।
निरीक्षण की खास बात यह है कि अधिकारी केवल तकनीकी जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांवों में पहुंचकर आम ग्रामीणों से सीधा संवाद भी कर रहे हैं। ग्रामीणों से पूछा जा रहा है कि उन्हें नियमित पानी मिल रहा है या नहीं, पानी की गुणवत्ता कैसी है, और क्या किसी प्रकार की दिक्कतें आ रही हैं। कई गांवों में ग्रामीणों ने जलापूर्ति में बाधा, कम प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें भी सामने रखीं, जिन्हें टीम ने गंभीरता से लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जल जीवन मिशन का लाभ वास्तविक रूप से हर घर तक पहुंचे और लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे और सुधारात्मक कदम तत्काल लागू किए जाएंगे।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस निरीक्षण को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय होगी। आने वाले दिनों में टीम अन्य गांवों का भी दौरा करेगी, जिससे पूरे जनपद की पेयजल व्यवस्था का व्यापक आकलन किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर चल रहे इस व्यापक निरीक्षण अभियान से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जहां कहीं भी कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा और लोगों को बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे न केवल ग्रामीणों की दैनिक जीवन की समस्याएं कम होंगी, बल्कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना को भी मजबूती मिलेगी।


