– जान से मारने की धमकियों से मचा हड़कंप
फर्रुखाबाद। जिले की सियासत में एक नया विवाद उभरकर सामने आया है, जहां मुकेश राजपूत के निजी प्रतिनिधि अनूप मिश्रा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए कथित भ्रामक पोस्ट ने माहौल गरमा दिया है। मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
अनूप मिश्रा ने स्पष्ट बयान जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार किया जा रहा है कि उन्होंने किसी प्रतिष्ठित समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “मैंने किसी भी समाज को गालियां नहीं दी हैं, मेरा स्वभाव भी ऐसा नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके किसी व्यवहार से किसी व्यक्ति या समाज को ठेस पहुंची हो तो वे इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। लेकिन इस पूरे मामले में असली चिंता का विषय वह नहीं, बल्कि इसके बाद मिलने वाली धमकियां हैं।
अनूप मिश्रा के मुताबिक, भ्रामक पोस्ट वायरल होने के बाद उन्हें फोन पर गालियां दी गईं और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। यह मामला अब सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और साइबर अपराध से जुड़ गया है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय में उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाने के मामलों में तेजी आई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसमें फर्जी पोस्ट और ऑनलाइन धमकियां प्रमुख कारण बन रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर सियासी खींचतान और छवि धूमिल करने की कोशिश भी हो सकती है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगी? क्या फर्जी पोस्ट फैलाने वालों की पहचान होगी? और क्या धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी?


