नई दिल्ली। भारत सरकार ने भारतीय थलसेना की सर्वोच्च कमान जनरल धीरज सेठ को सौंपने की घोषणा की है। आगामी 30 जून से वह देश की सेना का नेतृत्व संभालेंगे। जनरल धीरज सेठ पहले से ही अपने उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व, रणनीतिक क्षमता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद सैन्य समुदाय और उनके साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अधिकारियों एवं पूर्व कैडेटों में हर्ष का माहौल है।
फॉक्सट्रॉट स्क्वाड्रन से जुड़े पूर्व कैडेटों ने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि जनरल धीरज सेठ का सर्वोच्च सैन्य पद तक पहुंचना उनकी प्रतिभा, अनुशासन और अथक परिश्रम का परिणाम है। स्क्वाड्रन के साथियों ने याद किया कि प्रशिक्षण काल के दौरान ही उनके व्यक्तित्व में नेतृत्व क्षमता और सैनिक मूल्यों की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी।
फॉक्स-73 के साथियों ने कहा कि जब जनरल धीरज सेठ छठे टर्म में थे और वे स्वयं द्वितीय टर्म में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे, तब उनके व्यवहार, अनुशासन, नेतृत्व कौशल और कर्तव्यनिष्ठा ने युवा कैडेटों को गहराई से प्रभावित किया था। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा ने अनेक युवाओं के सैन्य जीवन को नई दिशा दी।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में भारतीय थलसेना आधुनिक चुनौतियों का और अधिक प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम होगी। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं और सेना के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
फॉक्सट्रॉट स्क्वाड्रन के पूर्व साथियों और शुभचिंतकों ने जनरल धीरज सेठ को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वह अपनी नई जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए भारतीय सेना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे तथा राष्ट्र की सुरक्षा और गौरव को और अधिक मजबूत करेंगे।


