पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार (NDA government) पर तीखा हमला बोलते हुए इसे जनविरोधी और अदूरदर्शी करार दिया है। उन्होंने कहा कि आज देश का आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के ऐसे दुष्चक्र में फंस चुका है जिससे निकलना मुश्किल होता जा रहा है। जनता आज महंगाई से त्राहिमाम कर रही है, लेकिन सरकार खामोश है।
तेजस्वी ने विस्तार से बताया कि कैसे आम आदमी का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा, टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। पहले से ही पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस (LPG) के आसमान छूते दामों ने रसोई का गणित बिगाड़ रखा था, लेकिन अब दाल, आटा, तेल और हरी सब्जियों के दाम बढ़ने से मध्यम और गरीब वर्ग की कमर टूट गई है। जनता आज महंगाई से त्राहिमाम कर रही है, लेकिन सरकार खामोश है।
नेता प्रतिपक्ष ने एनडीए सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह महंगाई प्राकृतिक नहीं, बल्कि एनडीए संपोषित है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता के संरक्षण में जमाखोरी और कालाबाजारी फल-फूल रही है। तेजस्वी ने तल्ख लहजे में कहा यह सरकार वोट चोरी कर बनाई गई है। इनकी अदूरदर्शी सोच और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां ही देश में गरीबी और बेरोजगारी का असली कारण हैं। जनता में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है क्योंकि यह सरकार जनहित के बजाय चंद पूंजीपतियों के इशारों पर चल रही है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि एनडीए के नेता देश की समस्याओं के समाधान के बजाय सरकारी संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और चंदा चोरी में व्यस्त हैं। उन्होंने भाजपा को सभी समस्याओं की जड़ बताते हुए कहा कि इनके झूठे वादे, बड़बोलेपन और अनैतिक कार्यशैली ने देशवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है।
अंत में तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी जनविरोधी नीतियों और महंगाई पर अंकुश नहीं लगाया तो जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम आदमी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल अपनी सत्ता बचाने और लूट खसोट में व्यस्त है।


