– ढिलाई बरतने करने वाले बैंकों की रिपोर्ट शासन को भेजें
फर्रुखाबाद। जनपद में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बैंकिंग सेवाओं की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय आरसेटी सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण एवं सलाहकार समिति की बैठक की। बैठक में उन्होंने सभी बैंकों को राज्य स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए और सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले बैंकों की कार्यशैली से शासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत किया जाए और उसकी प्रगति पोर्टल पर समय से अपडेट की जाए। उन्होंने आरसेटी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा अब तक दिए गए प्रशिक्षणों का सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक ने बताया कि जनपद का समेकित ऋण-जमा अनुपात 55.67 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा इंडियन ओवरसीज बैंक का ऋण-जमा अनुपात अपेक्षित स्तर पर नहीं है।
समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति भी प्रस्तुत की गई। बताया गया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत जनपद में 8,14,147 खाते सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब तक 13,682 लाभार्थियों को 233.39 करोड़ रुपये (23,339.3 लाख रुपये) का ऋण वितरित किया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1,389 लाभार्थियों को लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत प्रथम चरण में 585, द्वितीय चरण में 236 तथा तृतीय चरण में 169 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 6,70,935, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 2,11,050 तथा अटल पेंशन योजना में 1,04,699 लाभार्थी आच्छादित किए गए हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1,829 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,508 प्रकरणों में बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत कर वितरण किया जा चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सूक्ष्म उन्नयन योजना में 159, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 93 तथा एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) योजना में 33 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया।
आरसेटी की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में अब तक 330 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 9,126 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रतिनिधि ने बताया कि यदि किसी पात्र आवेदक का ऋण आवेदन बैंक में अनावश्यक रूप से लंबित रखा जाता है या बिना कारण बाधा उत्पन्न की जाती है, तो वह आरबीआई के टोल फ्री नंबर 14441 अथवा CRPC@RBI.org.in और www.cms.rbi.org.in के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है।
बैठक में उपायुक्त जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, उपायुक्त स्वतः रोजगार सुषमा, उपनिदेशक कृषि अरविंद मिश्रा, उपायुक्त उद्योग सोनल जिंदल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


