लखनऊ।उत्तर प्रदेश में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच सुरेश खन्ना ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 से भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटी हुई है। मंत्रिमंडल विस्तार को भी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सुरेश खन्ना ने सरकार की उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रदेश ने ऐतिहासिक काम किए हैं, जिसका लाभ भाजपा को आगामी चुनाव में मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2017 की तर्ज पर एक बार फिर मजबूत हिंदुत्व, विकास और लाभार्थी योजनाओं के सहारे चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। वहीं विपक्ष लगातार महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में लगा है।
2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सहयोगियों के साथ मिलकर 325 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश की राजनीति में ऐतिहासिक वापसी की थी। अब 2027 को लेकर भाजपा नेताओं के आत्मविश्वास भरे बयान यह संकेत दे रहे हैं कि पार्टी पहले से ज्यादा आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आए इस बयान को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा अब 2027 के चुनावी अभियान की जमीन तैयार करने में जुट चुकी है, जबकि विपक्षी दल सामाजिक समीकरण और गठबंधन की संभावनाओं पर फोकस कर रहे हैं।
प्रदेश की राजनीति में अब बयानबाज़ी और चुनावी दावों का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है।


