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Monday, May 11, 2026

जनकपुरी के एक निजी स्कूल में छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न मामले के बाद मैनेजमेंट पर दिल्ली सरकार ले सकती है नियंत्रण

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नई दिल्ली: दिल्ली के जनकपुरी (Janakpuri) स्थित एक निजी स्कूल (private school) में तीन वर्षीय छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को लेकर दिल्ली सरकार स्कूल प्रबंधन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा, देखरेख और नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही के आरोपों के बाद शिक्षा निदेशालय ने 8 मई को स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

इसमें स्पष्ट किया गया था कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो स्कूल पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि जवाब न मिलने या असंतोषजनक स्थिति में दिल्ली एजुकेशन एक्ट एंड रूल्स (DSEAR) के तहत कार्रवाई करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है और प्रबंधन का नियंत्रण भी सरकार अपने हाथ में ले सकती है।

अधिकारियों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन को जवाब दाखिल करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद शिक्षा निदेशालय को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सूत्रों का कहना है कि जवाब न मिलने और बच्चों की सुरक्षा में कथित गंभीर लापरवाही के आधार पर विभाग अब स्कूल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसमें स्कूल की मान्यता पर भी सवाल उठ सकते हैं और प्रबंधन से नियंत्रण वापस लेने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।

इसी बीच, पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची की मां ने 1 मई को जनकपुरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी बेटी के साथ 30 अप्रैल को, स्कूल में दाखिले के दूसरे ही दिन कथित तौर पर यौन उत्पीड़न की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के 57 वर्षीय कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

विभाग का कहना है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निगरानी और मॉनिटरिंग सिस्टम पर्याप्त नहीं थे। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल परिसर के भीतर संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की उचित व्यवस्था नहीं पाई गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल द्वारा नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाएं प्रशासन की अनुमति के बिना एक अलग निजी परिसर से संचालित की जा रही थीं, जो मुख्य स्कूल भवन से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अलग परिसर को लेकर किसी तरह की स्वीकृति नहीं ली गई थी, जो नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। नोटिस में स्कूल प्रबंधन से स्टाफ भर्ती प्रक्रिया, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, चाइल्ड सेफ्टी पॉलिसी के पालन, आरोपी कर्मचारी के निलंबन, फायर और बिल्डिंग सेफ्टी मानकों तथा अलग परिसर में कक्षाएं चलाने के औचित्य पर विस्तृत जवाब मांगा गया है। स्कूल को यह जवाब सोमवार (11 मई) तक देने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अब तक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

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