लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को 41वें दिन भी जारी रहा। छात्र फीस वृद्धि वापस लेने और निष्कासित छात्रों की बहाली की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। धरनास्थल पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि यह केवल फीस वृद्धि का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा तक समान पहुंच और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संघर्ष है। उनका आरोप है कि फीस में बढ़ोतरी से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि निष्कासित छात्रों की बहाली भी न्यायसंगत तरीके से की जानी चाहिए।
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने की भी मांग की।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक आंदोलन समाप्त कराने को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। परिसर में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार सभी के लिए सुलभ होना चाहिए और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहिए।


