लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। लगभग 63 किलोमीटर लंबे इस छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विकसित इस एक्सप्रेसवे पर आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस), सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन सहायता व्यवस्था, एम्बुलेंस सेवा और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। निर्धारित गति सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए हाई-टेक निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है।
एक्सप्रेसवे के संचालन के बाद लखनऊ से कानपुर तक का सफर, जो सामान्य दिनों में ट्रैफिक के कारण 2 से 3 घंटे तक लेता था, अब लगभग 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और दोनों शहरों के बीच व्यापार, उद्योग तथा आवागमन को नई गति मिलेगी।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा होने के बावजूद सभी वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। मौसम, यातायात और सड़क की परिस्थितियों के अनुसार वाहन चलाना अनिवार्य होगा। ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करीब ₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को किया जाएगा। इसके शुरू होने से लखनऊ, कानपुर, उन्नाव समेत आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को भी नई मजबूती मिलेगी।


