लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई गति देने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे राज्य के तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बनने जा रहा है। लगभग 63 किलोमीटर लंबा यह छह लेन (भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित होने योग्य) एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ को कानपुर से जोड़ेगा। इसके चालू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 2 से 3 घंटे से घटकर लगभग 35 से 40 मिनट रह जाने की उम्मीद है।
यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा लखनऊ-कानपुर (अवध) एक्सप्रेसवे के बीच महत्वपूर्ण संपर्क स्थापित करेगा। इससे उत्तर प्रदेश का हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा तथा प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच तेज आवागमन संभव होगा।
इस परियोजना से लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, रायबरेली, प्रयागराज, मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर, गाजियाबाद सहित अनेक जिलों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्नाव प्रदेश का ऐसा महत्वपूर्ण जिला बन रहा है, जहां तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे का नेटवर्क विकसित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच औद्योगिक निवेश, वेयरहाउसिंग, रियल एस्टेट, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे। साथ ही प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क और मजबूत होकर माल परिवहन तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई रफ्तार देगा।


