नई दिल्ली/ब्रातिस्लावा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया दौरे ने भारत के लिए निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के नए अवसरों का रास्ता खोल दिया है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश, तकनीकी साझेदारी और संयुक्त कारोबार की संभावनाओं पर सहमति जताई। इससे आने वाले वर्षों में भारत में हजारों नई नौकरियां सृजित होने की उम्मीद बढ़ गई है।
स्लोवाकिया की रेलवे, ऑटोमोबाइल, रक्षा उत्पादन, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सॉफ्टवेयर क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को दुनिया के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में से एक बताते हुए विदेशी निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश का आमंत्रण दिया।
बैठक में शामिल उद्योगपतियों ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ‘विकसित भारत’ के विजन पर भरोसा जताया। उन्होंने भारतीय कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाने तथा निवेश विस्तार की इच्छा व्यक्त की। कारोबारियों का मानना है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से दोनों पक्षों के लिए व्यापार और उद्योग के नए अवसर खुलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा, रेलवे, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, एआई, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश से भारत में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। पीएम मोदी की यह पहल न केवल आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देगी, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण और तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


