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Sunday, July 5, 2026

विकसित भारत-जी राम जी की केंद्र ने पहली किस्त की जारी

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बोले शिवराज मजदूरों को समय पर काम देने के लिए राज्य अपना हिस्सा दें, दिए ₹25,863 करोड़

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मनरेगा की जगह लागू की गई नई ‘विकसित भारत-जी राम जी (VB G RAM G)’ योजना के तहत राज्यों के लिए ₹25,863 करोड़ की पहली मदर सेंक्शन किस्त जारी कर दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अपने हिस्से का बजट जारी कर दिया है। अब राज्य सरकारें भी समय पर अपना अंशदान जारी करें, ताकि ग्रामीण मजदूरों को बिना किसी देरी के काम और मजदूरी मिल सके।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 30 जून को मनरेगा योजना समाप्त हो गई और 1 जुलाई से विकसित भारत-जी राम जी योजना पूरे देश में बिना किसी व्यवधान के लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में तीन वर्ष लगे थे, जबकि नई योजना पहले ही दिन से देशभर में प्रभावी हो गई। सरकार का उद्देश्य है कि काम मांगने वाले किसी भी मजदूर को एक घंटे भी बिना रोजगार के इंतजार न करना पड़े।

नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मजदूरी में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और देश के किसी भी राज्य में ₹300 प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं दी जाएगी। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 2.86 लाख ग्राम पंचायतों में ₹7 लाख करोड़ से अधिक का निवेश कर गांवों में आधारभूत ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा है।

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, डिजिटल उपस्थिति (डिजिटल हाजिरी) और जियो-टैगिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अनिवार्य किया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी हाजिरी और भुगतान में अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। राज्यों की निगरानी और तकनीकी सहयोग के लिए ‘एरिया ऑफिसर्स’ की भी नियुक्ति की गई है।

ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि योजना के तहत रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित अवधि में काम नहीं दिया जाता है तो पात्र मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। वहीं मजदूरी का भुगतान भी 15 दिनों के भीतर सीधे बैंक खाते में किया जाएगा।

उन्होंने समीक्षा के दौरान आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु और केरल की सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही सप्ताह में बड़ी संख्या में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया है। साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक कार्य शुरू कर ग्रामीणों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने की अपील की। सरकार का कहना है कि यह नई योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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