विवादित स्थल पर समझौते का प्रस्ताव, ईदगाह हटाने की अपील; कमेटी के जवाब का इंतजार
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले के पक्षकार एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने शाही ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद को एक सुझाव पत्र भेजकर विवादित ईदगाह को हटाने और स्थल को श्रीकृष्ण जन्मभूमि को सौंपने का प्रस्ताव रखा है।
पत्र में कौशल किशोर ठाकुर ने लिखा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं, यदुवंशी समाज, गोप-ग्वाल समुदाय और ब्रजवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने दावा किया कि विवादित स्थल श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मूल गर्भगृह है और इसे सम्मानपूर्वक सनातन समाज को सौंप देना चाहिए।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि श्री चित्रगुप्त पीठ एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार सेवा की घोषणा की जा चुकी है। उनके अनुसार यदि कार सेवा होती है और कोई जनहानि होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शाही ईदगाह कमेटी की होगी। पत्र में यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि यदि कमेटी विवादित स्थल छोड़ती है तो उसे मथुरा के बाहरी क्षेत्र में दुगुनी भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
कौशल किशोर ठाकुर ने यह भी दावा किया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौते की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन शाही ईदगाह पक्ष ने इसमें सहमति नहीं दिखाई। उन्होंने कमेटी से अपने प्रस्ताव पर विचार कर औपचारिक जवाब देने का आग्रह किया है।
हालांकि, शाही ईदगाह कमेटी की ओर से इस पत्र पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले से जुड़े दावे न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।


