कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी (Kalyan Banerjee) को लेकर अपने तेवर बदल लिए हैं। एक दिन पहले तक अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) पर अहंकार और वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाने वाले कल्याण अब उन्हें अपने बेटे के समान बता रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “अभिषेक मेरे बेटे जैसे हैं। बेटे से गलती हो जाए तो उसे माफ करना पिता का कर्तव्य होता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनके मन में कोई व्यक्तिगत कटुता नहीं है।
गौरतलब है कि हाल ही में कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करने और लगातार अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को अपने भतीजे और पुराने वफादार नेताओं के बीच चयन करना पड़ सकता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि एक कानूनी विवाद के बाद वह भविष्य में अभिषेक बनर्जी के मामलों की पैरवी नहीं करेंगे।
कल्याण बनर्जी ने पार्टी सांसद शताब्दी रॉय पर भी कटाक्ष किया। व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्होंने कहा कि “सुचित्रा सेन के बाद शताब्दी रॉय ही अगली महा-नायिका हैं।” उन्होंने उन 19 सांसदों की मांग को भी महत्वहीन बताया, जो लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग को लेकर स्पीकर से मिलने की तैयारी में हैं। उनका आरोप था कि ये नेता भाजपा के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं और यह पूरी कवायद एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
टीएमसी के कांग्रेस में विलय की चर्चाओं को खारिज करते हुए कल्याण बनर्जी ने साफ कहा कि पार्टी का ऐसा कोई इरादा नहीं है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हालिया चुनावी झटकों के बाद टीएमसी अंदरूनी असंतोष का सामना कर रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के इस्तीफों ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान को और उजागर कर दिया है।


