– सोलापुर बनेगा ग्रीन एनर्जी और एआई हब
– मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक समझौता,
– 2800 से अधिक स्थायी रोजगार सृजित होंगे
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने औद्योगिक और तकनीकी विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ₹1.65 लाख करोड़ से अधिक के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में महाराष्ट्र सरकार, JW ग्लोबल इंडिया और द सीड कंसोर्टियम पार्टनर्स के बीच हुए इस समझौते को राज्य के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। इस निवेश के माध्यम से अक्षय ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ), ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
सरकार के अनुसार कुल ₹1,65,154 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से राज्य में 2800 से अधिक स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जबकि निर्माण अवधि के दौरान हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा सोलापुर जिले के उजनी बांध क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े ऊर्जा और तकनीकी केंद्रों में शामिल हो सकता है।
समझौते के तहत सबसे बड़ी परियोजना 1.4 गीगावाट सस्टेनेबल एआई कैंपस और डाटा सेंटर की होगी, जिसमें ₹1,13,907 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इस परियोजना से 750 से 1000 स्थायी रोजगार तथा निर्माण कार्य के दौरान 5,000 से 10,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। एआई और डाटा सेंटर सेक्टर में यह निवेश देश के सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है।
इसके अलावा उजनी बांध पर 2 गीगावाट फ्लोटिंग सोलर पीवी और 1000 मेगावाट-घंटा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बेस ) विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में ₹14,976 करोड़ का निवेश होगा तथा 500 स्थायी रोजगार सृजित होंगे। निर्माण कार्य के दौरान 2,000 से 3,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
ग्रीन एनर्जी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 6900 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट और बायो-एसएएफ परियोजना भी स्थापित की जाएगी। इस परियोजना में ₹3,071 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और 450 से 1000 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।
सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक कैरी स्मार्ट -सी स्मॉल मॉड्यूलर न्यूक्लियर रिएक्टर (SMR) होगी। 440 मेगावाट की ट्विन यूनिट्स वाली इस परियोजना में लगभग ₹33,200 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना 24 घंटे कार्बन-मुक्त ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम होगी। इसके माध्यम से 300 स्थायी तथा लगभग 2,000 निर्माणकालीन रोजगार सृजित होंगे।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्णा वीखे पाटिल ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। Jw ग्लोबल ग्रुप के संस्थापक एवं चेयरमैन जयदीप वानखेड़े, कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक क्रिस्टोफर रेनेहन सहित कई उद्योग जगत के प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश महाराष्ट्र को देश में ग्रीन एनर्जी, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान देगा। साथ ही सोलापुर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों का बड़ा द्वार भी खोलेगा। यह समझौता राज्य की औद्योगिक विकास नीति और निवेश आकर्षित करने की रणनीति की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।


