उपजिलाधिकारी जलालाबाद के निर्देश पर कर्मचारियों ने झोपड़ी, पिलर और गोबर-कूड़े से किए गए कब्जे को ध्वस्त किया।
शाहजहांपुर| मंडी गेट की पश्चिमी दीवार से सटी सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से झोपड़ियां बना ली थीं। इसके अतिरिक्त, पिलर गाड़कर और गोबर-कूड़ा डालकर जगह घेर ली गई थी। इस अतिक्रमण के कारण मंडी में आने-जाने वाले किसानों और व्यापारियों को आवागमन में परेशानी हो रही थी, जिससे यातायात भी बाधित होता था।
मंडी मंडी सचिव ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी जलालाबाद को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि मंडी की भूमि पर जबरन कब्जा कर निर्माण सामग्री डालकर रास्ता संकरा कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी प्रभात राय ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित की।
गुरुवार को एसडीएम के निर्देश पर राजस्व और पुलिस की टीम मंडी गेट पर पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी अवैध झोपड़ी को गिराया गया, पिलर उखाड़े गए और गोबर-कूड़े के ढेर को हटवाकर सफाई कराई गई। इस कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने कोई विरोध नहीं किया।
एसडीएम प्रभात राय ने स्पष्ट किया कि सरकारी और मंडी की जमीन पर किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंडी सभापति ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए किसानों की सुविधा के लिए आभार जताया।
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम प्रभात कुमार राय, क्षेत्राधिकारी ज्योति यादव, नायब तहसीलदार अमरावती, थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान और मंडी सचिव विक्रम बाजपेई सहित कई अन्य कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।


