– देश की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं :शाह
नई दिल्ली। देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीमा क्षेत्र में घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित अवैध और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में मौजूद ऐसे निर्माणों की पहचान की जा रही है, जिनका उपयोग सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचकर अवैध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। गृह मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह की स्पष्ट नीति है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार से घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और मादक पदार्थों की सप्लाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क रही हैं। ऐसे में सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माणों को हटाने की यह मुहिम सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा के नजदीक अनियंत्रित और अवैध निर्माण कई बार सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन जाते हैं। ऐसे स्थानों का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किए जाने की आशंका बनी रहती है। इसी कारण सरकार अब संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन और कार्रवाई की रणनीति पर काम कर रही है।
केंद्र सरकार का संदेश साफ है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और सीमा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या संदिग्ध संरचना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने तथा घुसपैठ और तस्करी के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार करने के रूप में देखी जा रही है।
“देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं” यही संदेश इस कार्रवाई के केंद्र में है, और आने वाले दिनों में सीमा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अभियान देखने को मिल सकता है।


