मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार चौथे दिन हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक प्रभावित मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पुणे क्षेत्र रहे, जहां सड़क, रेल और हवाई यातायात पर व्यापक असर पड़ा है। भारी बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस मार्ग के नव निर्मित हिस्से पर यातायात रोक दिया है, जबकि मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस मार्ग के हाल ही में शुरू किए गए नए हिस्से की सुरंग में तेज पानी का रिसाव होने से सुरक्षा कारणों के चलते वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इस घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं और विपक्ष ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं मार्ग पर एक कंक्रीट का खंभा गिरने की घटना ने भी चिंता बढ़ा दी है।
कर्जत के पास पहाड़ी से भारी मलबा रेलवे लाइन पर आने के कारण मुंबई और पुणे के बीच रेल सेवाएं पूरी तरह रोक दी गई हैं। रेलवे की टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है। कई लंबी दूरी की रेलगाड़ियां भी प्रभावित हुई हैं।
मुंबई के मानखुर्द क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान तीन मंजिला एक पुरानी इमारत ढह गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर मुंबई के सभी विद्यालय, महाविद्यालय और सरकारी कार्यालय बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव से सड़कें डूब गई हैं, स्थानीय रेल सेवाएं प्रभावित हैं और जगह-जगह लंबे जाम की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और निजी संस्थानों से कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।


