नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित हुई है, जबकि पार्टी नेता कन्हैया कुमार ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर संकट में बताते हुए व्यापक सुधार की मांग की।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में गिरावट चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2013 की तुलना में भारत की स्थिति कई अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों में कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पासपोर्ट सेवाएं पहले की तुलना में महंगी हो गई हैं और वीजा व्यवस्था को अधिक सरल एवं आधुनिक बनाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने विदेशी पर्यटकों की संख्या में आई कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि वर्ष 2019 की तुलना में अभी तक देश में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या पूरी तरह नहीं संभल पाई है। उन्होंने सरकार से पर्यटन और वीजा व्यवस्था को लेकर कई सवाल पूछते हुए पारदर्शिता की मांग की।
वहीं कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई।
कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सुझाव लेकर शिक्षा सुधार का एक व्यापक दस्तावेज तैयार करेगी। उन्होंने नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध परीक्षाएं कराने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।


