लखनऊ, नई दिल्ली । दिल्ली के हंस और गणेश ब्रांड तंबाकू से जुड़े कारोबार में करोड़ों रुपये की जीएसटी हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद मामला गंभीर होता जा रहा है। तंबाकू कारोबार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर कर संबंधी अनियमितताएं की गईं और अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क के माध्यम से कारोबार को फैलाया गया। कन्नौज के तम्बाकू कारोबारी को फ़ोन पर धमकी के मामले को पुलिस ने भी संज्ञान लिया है। शिकायत और सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपों में जीएसटी से जुड़े लेनदेन, कारोबार के दस्तावेजों और कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच का मुद्दा प्रमुख है।
बताया जा रहा है कि इस कारोबार से जुड़े संपर्क दिल्ली के अलावा पंजाब, चंडीगढ़, असम, केरल और बेंगलुरु तक बताए जा रहे हैं। आरोप यह भी है कि अलग-अलग स्थानों पर कारोबार के लिए प्रभावशाली लोगों और कथित बिचौलियों का सहारा लिया गया।
सबसे गंभीर सवाल करोड़ों रुपये के संभावित जीएसटी राजस्व से जुड़ा है। यदि जांच में कर चोरी अथवा फर्जी बिलिंग जैसी अनियमितताएं सामने आती हैं तो राजस्व को हुए नुकसान का वास्तविक आंकड़ा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद संबंधित पक्षों में हलचल बढ़ गई है। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि वास्तविक कारोबार कितना है, जीएसटी में कितना कारोबार दर्शाया गया और कथित नेटवर्क के माध्यम से कितने राज्यों में लेनदेन हुआ।
इस मामले में वित्त मंत्रालय भारत सरकार ने भी जांच करने की बात कही है उधर कन्नौज का तंबाकू व्यवसाय को फोन पर धमकी देने के मामले में जब शिकायतें हुई तो उसे फिर से कारोबार बिगाड़ देने की धमकी दी गई जीएसटी विभाग के कुछ अधिकारी ने बताया कि पूरे सिंडिकेट क्यों नहीं जानकारी नहीं है जनता से इस मामले में जांच होगी।


