फर्रुखाबाद। श्रावण मास के समापन रविवार पर पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम के निकट गंगा तट पर गंगा मइया स्वच्छता एवं दीपदान आयोजन समिति की ओर से भगवान पार्थिवेश्वरनाथ पूजन, गंगा पूजन और दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समिति द्वारा प्रत्येक रविवार आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन इस बार 642वें चरण में पहुंचा।
कार्यक्रम समिति के अधिष्ठाता भगवान पार्थिवेश्वरनाथ के पावन सानिध्य और अधिष्ठात्री मां गंगा की पवित्र गोद में समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष सत्यव्रत पाण्डेय के आचार्यत्व में विधि-विधान से संपन्न हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और मां गंगा की आराधना कर विश्व कल्याण की कामना की।
समिति के सदस्यों ने गंगा की धारा से रेत निकालकर भगवान पार्थिवेश्वरनाथ के शिवलिंग का निर्माण किया। इसके बाद शिवलिंग का दूध, दही, घी, शहद, शकर और पंचामृत से विधिवत अभिषेक किया गया। इसके साथ ही मां गंगा का पूजन-अभिषेक कर दीपदान और आरती की गई।
पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की स्तुति करते हुए सुख-समृद्धि, शांति और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। गंगा तट पर दीपदान के दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ मां गंगा एवं भगवान पार्थिवेश्वरनाथ का स्मरण किया।
कार्यक्रम में समिति के सदस्य जनार्दन दत्त राजपूत, सर्वज्ञ पाण्डेय, शरद बाजपेई, सुबोध गुप्ता, अनुराग वर्मा, मिथिलेश कटियार, अनूप त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर भगवान पार्थिवेश्वरनाथ और मां गंगा से जनकल्याण की प्रार्थना की।
श्रावण मास के समापन पर 642वें पार्थिवेश्वरनाथ पूजन व गंगा दीपदान का आयोजन


