– नोटिस दिए बिना कार्रवाई का आरोप, मानसिक उत्पीड़न व अवैध वसूली की भी शिकायत
उरई (जालौन)। विकास खंड रामपुरा में तैनात एक सफाई कर्मचारी ने एडीओ पंचायत पर फर्जी निरीक्षण दिखाकर झूठे आरोपों में निलंबित कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता रमेश चन्द्र ने बताया कि वह ग्राम धूता में तैनात था और नियमित रूप से जॉब कार्ड के अनुसार सफाई कार्य करता था। उसके अनुसार 4 जुलाई 2025 को भी वह गांव में सफाई कार्य कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद एडीओ पंचायत द्वारा फर्जी निरीक्षण दर्शाते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि निलंबन से पहले उसे कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही किसी माध्यम से अवगत कराया गया। साथ ही निलंबन की प्रति भी आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। उसने बताया कि करीब आठ माह तक उसे निलंबित रखा गया और इस दौरान लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक में तैनात एक अन्य सफाई कर्मचारी विनोद का प्रभाव इतना है कि वह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय करता है। किसका वेतन रोका जाए या किसे निलंबित किया जाए, यह उसी के इशारे पर होता है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर दबाव बनाकर पैसे की मांग की गई और दबाव में आकर उसने कुछ धनराशि भी दी। बाद में मांग बढ़ने पर जब उसने पैसे देने से मना किया तो झूठे आरोप लगाकर उसे निलंबित करवा दिया गया। पीड़ित ने बताया कि बाद में उसे अनंतिम रूप से विकास खंड माधौगढ़ के ग्राम पंचायत सरावन में तैनात किया गया और एक माह बाद पुनः रामपुरा ब्लॉक में स्थानांतरण कर दिया गया। सफाई कर्मचारी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की गोपनीय जांच के लिए टीम गठित कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।


