लखनऊ। पश्चिम बंगाल समेत हालिया चुनावी नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बेहद तीखा और आक्रामक बयान जारी करते हुए सत्ताधारी दल और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाया जा रहा है और यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में घनघोर काला दिन के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र खुद पीड़ा में है।
अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मतगणना के दौरान केंद्रीय बलों का जिस तरह से इस्तेमाल किया गया, वह निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हुआ, वैसा ही मॉडल पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भी अपनाया गया था, जहां कई जगहों पर गड़बड़ियां हुईं और कन्नौज की विधानसभाएं इसकी प्रत्यक्ष गवाह रही हैं।उन्होंने आगे कहा कि यही मॉडल 2024 के लोकसभा चुनाव में फर्रुखाबाद में भी दोहराया गया, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, यह सब सुनियोजित तरीके से जनमत को प्रभावित करने की कोशिश है और जनता के विश्वास के साथ खुला खिलवाड़ है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि सब जानते हैं कि सच क्या है और किस तरह जनमत की खुली लूट की गई है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को घोर निंदनीय बताते हुए अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की।
अपने बयान के अंत में उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हर फरेबी फतह की एक मियाद होती है और यही सच्चाई की बुनियाद होती है।समाजवादी पार्टी प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
लोकतंत्र व्यथित, जनमत की लूट: अखिलेश यादव


