फर्रुखाबाद/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन के बीच संगठनात्मक रणनीति और जमीनी मेहनत की बड़ी कहानी उत्तर 24 परगना जिले से सामने आई है। यहां पार्टी प्रभारी के तौर पर काम कर रहे फर्रुखाबाद के युवा नेता और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय कर चुनावी तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में सुनील बंसल की टीम ने बंगाल में जिस माइक्रो मैनेजमेंट की रणनीति अपनाई, उसे जमीन पर उतारने का काम रूपेश गुप्ता जैसे क्षेत्रीय प्रभारियों ने किया। उत्तर 24 परगना में यह रणनीति साफ तौर पर असर दिखाती नजर आई, जहां भाजपा को उल्लेखनीय बढ़त मिली।
बताया जा रहा है कि रूपेश गुप्ता ने करीब 74 दिनों तक लगातार क्षेत्र में डेरा डालकर संगठन को मजबूत किया। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें, घर-घर जनसंपर्क और मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाना उनकी रणनीति का मुख्य हिस्सा रहा।
मतगणना के रुझान आते ही उत्तर 24 परगना में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। जगह-जगह अबीर-गुलाल के साथ जश्न मनाया गया, कार्यकर्ताओं ने रूपेश गुप्ता का स्वागत किया और “कमल खिल गया” के नारे लगाए।
रूपेश गुप्ता ने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संगठन को और मजबूत करने तथा जनता के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का काम आगे भी जारी रहेगा।
चुनावी अभियान के बाद रूपेश गुप्ता ने प्रदेश प्रभारी सुनील बंसल से मुलाकात कर उन्हें जीत की शुभकामनाएं दीं और इसके बाद अपने गृह जनपद फर्रुखाबाद लौट आए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में इस तरह की जमीनी मेहनत और संगठनात्मक पकड़ ही भाजपा के विस्तार की असली ताकत बनकर उभरी है।
बंसल टीम का कमाल,उत्तर 24 परगना में फर्रुखाबाद के रूपेश गुप्ता की रंग लाई जी-तोड़ मेहनत


