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Sunday, April 26, 2026
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महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर बुरे फंसे सांसद पप्पू यादव, महिला आयोग ने भेजा नोटिस

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पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (MP Pappu Yadav) बड़ी मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल बिहार राज्य महिला आयोग (Bihar State Women Commission) ने सांसद पप्पू यादव को नोटिस भेजा है। उन्हें यह नोटिस राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भेजा गया है। नोटिस जारी करने के साथ ही राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव से तीन दिन के अंदर उनसे जवाब मांगा है। अगर पप्पू यादव तीन दिन के अंदर अपना जवाब नहीं देते हैं, तो आयोग लोकसभा स्पीकर से उनकी सांसदी को रद्द करने की मांग करेगा।

बिहार के सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर एक बेहद ही आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए कंप्रोमाइज करना पड़ता है। पप्पू यादव ने यहां तक कह दिया कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड (बिस्तर) से शुरू होता है, उनके इस बयान को लेकर कई नेताओं ने भी अपना आक्रोश जाहिर किया है।

पप्पू यादव के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बयान है, जब पूरा देश ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा दे रहा था, तब देखिए कांग्रेस समर्थित सांसद क्या कह रहे हैं। यही उनकी मानसिकता है। वे महिलाओं पर कैसे आरोप लगा रहे हैं।

पप्पू यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात सिर्फ सदनों तक सीमित रह गई है और यह अब मजाक का विषय बन चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि देश में महिलाओं को देवी का दर्जा तो दिया जाता है, लेकिन वास्तविक सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि सत्ता और व्यवस्था से जुड़े लोग ही महिलाओं के शोषण के लिए जिम्मेदार हैं। पप्पू यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुमत के बावजूद सरकार ने पहले इस बिल को गंभीरता से नहीं लिया।

 

मुरादाबाद: मकान को लेकर हुए विवाद में पति-पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या

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मुरादाबाद:  यूपी के मुरादाबाद (Moradabad) में हत्या की हैरान देने वाली वारदात सामने आई है। बीती रात मकान को लेकर हुए विवाद में पति-पत्नी (Husband and wifeकी चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों की लाश का पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा। पुलिस घटना की जांच कर रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पूरा मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चक्कर की मिलक का है। जहां रहने वाले राजा ने फहीम नाम के युवक से एक साल पहले 2 लाख 24 हजार रुपये में खरीदा था। राजा ने मकान का 2 लाख रुपए दे दिए थे। वहीं जब राजा ने फहीम से रजिस्ट्री कराने कहा तो वह 24 हजार की बजाय 40 हजार रुपए मांगने लगा, जिसे लेकर दोनों विवाद चल रहा था। इसी बात को लेकर राजा ने 2 दिन पहले यानी रविवार को जमकर पिटाई भी की थी।

पिटाई के दूसरे दिन फहीम अपने साथ 2 लोगों को लेकर राजा के घर पहुंचा और तीनों ने जमकर पिटाई की। वहीं जब राजा की पत्नी ने बचाने की कोशिश की तो तीनों ने उसकी भी पिटाई की। मां-बाप की चीख सुनकर दोनों बच्चे भी कमरे में पहुंचे। इस दौरान फहीम और उसके साथियों ने राजा और उसकी पत्नी फराह पर चाकू से हमला कर मौत की नींद सुला दी। वहीं आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

होमगार्ड भर्ती परीक्षा पर प्रशासन का हाई अलर्ट: डीएम मैडम लाठर सख्त

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– बोलीं 3 दिन जिले में ‘एग्जाम इमरजेंसी प्लान’ लागू

फर्रुखाबाद। जनपद में 25, 26 और 27 अप्रैल को होने वाली यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सतर्कता अपनाई है। नवागत जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए साफ संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि “जीरो एरर ऑपरेशन” के तहत कराई जाएगी।

कोषागार में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद डीएम ने इस बड़ी भर्ती परीक्षा को अपनी प्राथमिकता में रखते हुए अफसरों की जवाबदेही तय कर दी है। बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था या लापरवाही सामने आई तो सीधे कार्रवाई होगी।

सबसे अहम फैसला अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर लिया गया है। डीएम ने सभी परीक्षा केंद्रों पर क्लॉक रूम अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बाहर से आने वाले हजारों परीक्षार्थियों को बैग और जरूरी सामान रखने में कोई दिक्कत न हो। साथ ही बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर विशेष हेल्प सेंटर बनाए जाएंगे, जहां से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र, रूट और अन्य जरूरी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने इस बार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस किया है। डीएम ने सभी केंद्रों पर मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं, जहां ओआरएस, ग्लूकोज और जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा जाएगा। निर्देश साफ हैं—लू या तबीयत बिगड़ने की स्थिति में अभ्यर्थी को तत्काल इलाज मिले, इसमें कोई देरी न हो।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, चेकिंग, और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन को आशंका है कि तीनों दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जिले में पहुंचेंगे, जिससे यातायात और भीड़ का दबाव बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट पर भी अलग से रणनीति बनाई जा रही है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), सभी उपजिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि समन्वय के साथ परीक्षा संपन्न कराई जा सके।

यह भर्ती परीक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है—एक तरफ भीषण गर्मी, दूसरी तरफ हजारों अभ्यर्थियों का दबाव। नई डीएम की पहली बड़ी परीक्षा भी यही है कि क्या ये तैयारियां कागजों से निकलकर जमीन पर असर दिखाती हैं या नहीं।

अखिलेश यादव पर बरसे ओपी राजभर, कहा- मूकदर्शक बन गए थे सपा प्रमुख

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लखनऊ: योगी कैबिनेट में मंत्री सुभासपा नेता ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) मंगलवार को बीजेपी की जन आक्रोश महिला पद यात्रा में शामिल हुए। महिला आरक्षण पर विपक्षी दलों के रवैये के विरोध में ये यात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में ओपी राजभार ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

राजभर ने कहा कि ‘पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मंशा रही कि 2029 में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण लागू कर दिया जाए लेकिन समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लोगों ने विरोध किया, महिला बिल को पास नहीं होने दिया। भारतीय जनता पार्टी और एनडीए चाहती है कि महिलाओं को आरक्षण मिले और वो देश के विकास में भागीदार बनें और अपने उत्थान के लिए काम करें।’

राजभर ने कहा कि “समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव जब उनकी पत्नी पर एक मौलाना ने अभद्र टिप्पणी की तब वो मूकदर्शक बने, जो अपनी पत्नी के साथ खड़ा नहीं हो सकता वो दूसरी महिलाओं के साथ क्या खड़ा हो सकता है? राजभर ने कहा कि 60 साल तक कांग्रेस की सरकार रही है, कांग्रेस के साथ सपा भी रही और दल भी रहे तब इन्होंने क्यों नहीं किया? आज इनको चिंता सता रही है।

बता दें कि संसद में महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) गिरने के विरोध में मंगलवार को बीजेपी और एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं का आक्रोश लखनऊ की सड़कों पर दिखा। मुख्यमंत्री निवास से विधान भवन तक निकले इस ऐतिहासिक मार्च में लगभग 25 हजार महिलाओं ने भाग लिया। जिसको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने संबोधन किया। सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं की ये ताकत कांग्रेस और सपाई को एहसास दिला देगी कि उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है।

 

प्रीपेड बिजली मीटर में रिचार्ज यूनिट दर स्पष्ट करने की मांग, मोबाइल की तरह हो रीचार्ज

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माइनस बैलेंस पर बिजली कटने की एक सप्ताह से पंद्रह दिन हो,

सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड़ में बदला जाये

फर्रुखाबाद। बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े प्रीपेड मीटर सिस्टम को लेकर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। लोकतंत्र सेनानी संगठन की बैठक में इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने की जोरदार मांग उठाई गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रीपेड मीटर लागू करने से पहले इसे सीमित उपभोक्ताओं पर परीक्षण के रूप में लागू किया जाना चाहिए था और उनकी संतुष्टि के बाद ही इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाना उचित होता।

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि प्रीपेड मीटर रिचार्ज की प्रक्रिया को मोबाइल रिचार्ज की तरह सरल और स्पष्ट बनाया जाए। उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये या 1000 रुपये के रिचार्ज पर उन्हें कितनी यूनिट बिजली प्राप्त होगी। इससे उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और वे अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर योजना बना सकेंगे।

संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि ऐसी पारदर्शी व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है, तो वर्तमान प्रीपेड मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके। इसके साथ ही बकाया राशि की एक सीमा निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। प्रस्ताव रखा गया कि 3000 से 5000 रुपये तक की बकाया राशि होने तक बिजली कनेक्शन न काटा जाए।

इसके अलावा, बिजली कनेक्शन काटने की वर्तमान समय-सीमा को तीन दिन से बढ़ाकर कम से कम एक सप्ताह या 15 दिन किए जाने की मांग भी की गई, जिससे उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

बैठक में इस संबंध में मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री को मांग पत्र भेजने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल को भुगतना पड़ सकता है। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने की। इस अवसर पर राम मुरारी शुक्ला सहित संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व पृथ्वी दिवस: यही हालात रहे तो खत्म हो जाएंगी पृथ्वी पर जीवन की संभावनाएं

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कायमगंज, फर्रुखाबाद। धरती का तापमान निरंतर बढ़ रहा है। जीवन के आवश्यक तत्व जल और वायु प्रदूषित हो रहे हैं। यही हालत रही तो निकट भविष्य में पृथ्वी पर जीवन की संभावनाएं खत्म हो जाएगी।

यह बात विश्व पृथ्वी दिवस पर राष्ट्रीय यह प्रगतिशील फोरम द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में कही गयी । कार्यक्रम अध्यक्ष प्रोफेसर रामबाबू मिश्र रत्नेश ने कहा कि निरंतर पिघलते हिमनद, वनों का उजाड़, पर्वतों पर गरजते डायनामाइट, विषैली गैसों का उत्सर्जन, भूजल का बेजाॅं दोहन, ओजोन परत का विस्तार, दक्षिणी ध्रुव पर बढ़ता तापमान, बारूदी विस्फोट, आणविक परीक्षण आदि से धरती का तापमान और जलवायु का संतुलन बिगड़ रहा है।

पूर्व प्रधानाचार्य अहिवरन सिंह गौर, आचार्य शिवकांत शुक्ला, वीएस तिवारी, अमरनाथ शुक्ला ने कहा की हमारे पूर्वजों ने प्राकृतिक शक्तियों का पूजा विधान बनाकर जीवन जीने का शांति मंत्र दिया था लेकिन भौतिकवाद की अंधी दौड़ में हमने उनका अनुसरण नहीं किया और विकास के नाम पर विनाश की सारी व्यवस्थाएं कर दी हैं। छात्र कवि यशवर्धन ने कहा- धरती का वंदन करो करो प्रकृति से प्यार
नहीं रहेगा अन्यथा जीवन का आधार। इस अवसर पर तमाम लोग मौजूद रहे।।