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Sunday, April 26, 2026
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संदिग्ध हालात में नवविवाहिता की मौत, कमरे में फंदे से लटका मिला शव; मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

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मैनपुरी। जिले के थाना क्षेत्र स्थित गांव विक्रमपुर में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। विवाहिता का शव उसके ससुराल के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। वहीं, मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जनपद कासगंज के थाना सिढ़पुरा क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी हेमराज ने अपनी 20 वर्षीय पुत्री मंजू शाक्य की शादी करीब चार महीने पहले मैनपुरी जिले के गांव विक्रमपुर निवासी सचिन शाक्य के साथ की थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद सोमवार शाम को विवाहिता का शव उसके ससुराल के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ससुराल पक्ष के लोग घर से फरार हो चुके थे।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मंजू शाक्य की हत्या गला दबाकर की गई है और साक्ष्य छिपाने के लिए उसके शव को फंदे पर लटका दिया गया। मृतका के भाई संजीव ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उनकी बहन को शादी के बाद से ही प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंजू करीब दो महीने की गर्भवती थी, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
घटना के बाद गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ओर जहां मायके पक्ष इंसाफ की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ससुराल पक्ष के फरार होने से संदेह और गहरा गया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हुई है।
थाना प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है, जिससे समाज में चिंता का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

तिलक समारोह से लौट रहे बाबा-नाती की दर्दनाक मौत, ट्रक चालक फरार

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इटावा। जिले के इटावा-फर्रुखाबाद मार्ग पर मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। चौबिया थाना क्षेत्र के गांव रैपुरा के पास अहनैया नदी पुल के सामने तेज रफ्तार ट्रक और कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार बाबा और नाती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार में फंसे शवों को बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, मैनपुरी जिले के थाना समान कटरा क्षेत्र के ग्राम गजपुरा निवासी 40 वर्षीय गोविंद सिंह चौहान ग्वालियर में रिकवरी का कार्य करते थे। वह सोमवार को अपने चाचा देवेंद्र सिंह भदौरिया की पुत्री के तिलक समारोह में शामिल होने गांव आए थे। इसके बाद वह कन्नौज जनपद के मुगई गांव में तिलक चढ़ाने गए थे। मंगलवार तड़के सुबह करीब सात बजे वह अपनी स्विफ्ट कार से ग्वालियर के लिए वापस रवाना हुए। उनके साथ रिश्ते में बाबा 70 वर्षीय गणेश सिंह भदौरिया, निवासी आनंद नगर कोतवाली इटावा, भी कार में सवार थे।
जैसे ही उनकी कार चौबिया क्षेत्र के रैपुरा भट्टा के पास पहुंची, सामने से आ रहे गिट्टी से लदे तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने कार में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और दोनों लोग अंदर बुरी तरह फंस गए। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ राहत कार्य में जुट गए और स्थानीय लोगों की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया।
घायलों को तत्काल सीएचसी बसरेहर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गोविंद सिंह चौहान को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल गणेश सिंह भदौरिया को सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस तरह एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे की खबर जैसे ही परिजनों और तिलक समारोह वाले घर तक पहुंची, वहां का खुशियों भरा माहौल अचानक मातम में बदल गया। मृतक गोविंद सिंह की मां संतोष देवी, पत्नी पूनम और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गोविंद अपने पीछे 13 वर्षीय बेटे गुड्डू को छोड़ गए हैं, जिसका भविष्य अब अनिश्चितता में घिर गया है।
थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है।

मुजफ्फरनगर: दरोगा की पिस्टल छीनकर हिरासत से भागा आरोपी, मुठभेड़ में घायल कर किया गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) रतनपुरी थाना क्षेत्र में गोलीबारी की घटना के आरोपी ने पुलिस हिरासत (custody) से कुछ समय के लिए भागने में कामयाबी हासिल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा किया और मुठभेड़ में वह घायल हो गया। आरोपी की पहचान समोली गांव निवासी मनजीत उर्फ ​​काला के रूप में हुई है। उसने कथित तौर पर एक युवक, उसके पिता और भाई को गोली मारकर घायल कर दिया था। पीड़ित का फिलहाल दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस लाइन सभागार में मीडिया को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अक्षय संजय महादिक के अनुसार, घटना मनजीत को हिरासत में लेने के बाद घटी। यात्रा के दौरान, उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने उसे चिकित्सा सहायता के लिए ले जाने का फैसला किया। यात्रा के दौरान, मनजीत ने कथित तौर पर अपनी शिकायतें बढ़ा दीं, जिसके चलते अधिकारियों ने वाहन रोककर उसे बाहर निकाला। इस मौके का फायदा उठाते हुए, उसने कथित तौर पर एक सब-इंस्पेक्टर से पिस्तौल छीन ली और पास के गन्ने के खेतों में भाग गया।

पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया और इलाके को घेर लिया। कुछ ही देर बाद आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान मनजीत के पैर में गोली लगी और उसे दोबारा पकड़ लिया गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पुलिस हिरासत में है। अधिकारियों ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले काशी पहुंचे सीएम योगी, तैयारियों का लेंगे जायजा

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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के 28 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) मंगलवार शाम दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही जिले में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे।

इस बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और पीएम के दौरे से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि बैठक में भाजपा पदाधिकारी भी शामिल रहेंगे। सीएम योगी, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तावित लोकार्पण और उद्घाटन कार्यक्रमों से जुड़े परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का भी जायजा लेंगे। इसके साथ ही वे विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। इसके अलावा, सीएम योगी बरेका ग्राउंड पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर संवाद कर सकते हैं। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और जिन मार्गों से सीएम का काफिला गुजरेगा, वहां रूट डायवर्जन लागू किया गया है। सभी विभागों को अपने दस्तावेज और तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में रात्रि विश्राम करेंगे और बुधवार सुबह यहां से प्रस्थान करेंगे।

 

लखनऊ में भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लिया अहम फैसला, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूलों का समय बदला

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लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन (administration) ने अहम फैसला लिया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्री-प्राइमरी से लेकर क्लास 8 तक के सभी स्कूलों का समय बदल दिया है। जारा आदेश के अनुसार अब प्री-प्राइमरी से लेकर क्लास 8 तक के सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहतै है, जिससे बच्चों को गर्मी से राहत मिल सकेगी औऱ पढ़ाी भी प्रभावित नहीं होगी।

जनपद लखनऊ में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने आदेश जारी किया है कि सभी बोर्ड के सरकारी, परिषदीय और निजी स्कूलों का समय बदला जाए। ये आदेश 22 अप्रैल से लागू होगा और अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।

बेसिक शिक्षा परिषद ने बच्चों को तेज गर्मी और धूप से बचाने के लिए समय बदला है। टीचर्स को दोपहर 1:30 बजे तक स्कूलों में रुकना अनिवार्य है। पहले गर्मी और लू को देखते हुए 2 जिलों के स्कूलों का समय बदला। प्रयागराज में पहली से 8वीं तक के सभी स्कूलों को 20 अप्रैल से सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक खोलने का आदेश जारी हुआ था। ये आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। इस आदेश को प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने जारी किया था।

 

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दिल्ली में वाहन प्रदूषण पर सख्ती, CAG रिपोर्ट के बाद विधानसभा सचिवालय ने दिए सख्त निर्देश

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नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) की सबसे गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों में शामिल वाहन जनित वायु प्रदूषण को लेकर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने इस मुद्दे पर कार्रवाई तेज करते हुए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के आधार पर बड़ी पहल की है। वाहन जनित वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण पर किए गए प्रदर्शन ऑडिट के निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए लोक लेखा समिति (PAC) की तीसरी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। सभी संबंधित विभागों को CAG की सिफारिशों पर कार्रवाई करनी होगी। 31 दिसंबर 2026 तक सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। पूरी कार्रवाई रिपोर्ट 31 जनवरी 2027 तक विधानसभा सचिवालय को सौंपनी होगी।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थागत प्रक्रियाओं को केवल रिपोर्ट तक सीमित न रखते हुए, ऑडिट के निष्कर्षों को जमीनी स्तर पर ठोस परिणामों में बदलना चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का वास्तविक असर दिख सके। इसी दिशा में दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने परिवहन मंत्री, दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग के सचिव-सह-आयुक्त को पत्र भेजा है। इसमें लोक लेखा समिति (PAC) की सिफारिशों पर व्यापक और समयबद्ध प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया गया है।

दिल्ली में वाहन जनित वायु प्रदूषण को लेकर सामने आई कैग (CAG) आधारित समीक्षा रिपोर्ट ने शहर की वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में नियामक ढांचे, प्रवर्तन तंत्र और संस्थागत समन्वय में मौजूद कई खामियों को उजागर किया गया है, जो प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं। दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा लोक लेखा समिति की सिफारिशों को आगे बढ़ाते हुए यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में कई संरचनात्मक कमियां हैं, जैसे योजना निर्माण में स्पष्ट कमी निगरानी प्रणाली की सीमित क्षमता प्रवर्तन (enforcement) में असंतुलन वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की अपर्याप्त स्थापना और संचालन कई प्रदूषकों की अधूरी निगरानी विश्वसनीय उत्सर्जन डेटा की कमी इन कारणों से साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण (evidence-based policymaking) प्रभावित हो रहा है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की प्रदूषण के प्रति प्रतिक्रिया केवल छोटे-छोटे उपायों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह समस्या संरचनात्मक स्तर की है और इसके समाधान के लिए व्यापक व समन्वित रणनीति जरूरी है।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि राजधानी की बस और समग्र सार्वजनिक परिवहन प्रणाली लंबे समय से कई संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि बसों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है, रूट कवरेज सीमित है और लास्ट माइल कनेक्टिविटी कमजोर बनी हुई है।

इसके अलावा रूट रेशनलाइजेशन में देरी और वैकल्पिक परिवहन प्रणालियों के धीमे क्रियान्वयन को भी उन्होंने प्रमुख समस्याओं के रूप में रेखांकित किया। इन कमियों के कारण नागरिकों की निर्भरता निजी वाहनों पर लगातार बढ़ रही है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव और अधिक बढ़ रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इसी प्रवृत्ति का सीधा असर वायु प्रदूषण में वृद्धि के रूप में भी देखा जा रहा है, जो राजधानी के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।