32 C
Lucknow
Sunday, April 26, 2026
Home Blog Page 86

धोखाधड़ी: कुबेरपुर में भू-माफिया का बड़ा खेल, राजस्व रिकॉर्ड में नाम नहीं फिर भी बेच डाली जमीन

0

– वक्फ और शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की साजिश का पर्दाफाश
– पाकिस्तान जा चुके वारिसों की जमीन का हुआ अवैध सौदा

मोहम्मद आकिब खाँन
यूथ इंडिया फर्रुखाबाद: जिले की कायमगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर में सरकारी नियमों और राजस्व अभिलेखों को ताक पर रखकर ‘शत्रु संपत्ति’ और ‘वक्फ’ की श्रेणी में आने वाली कीमती जमीन को अवैध रूप से बेचने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने के बावजूद एक व्यक्ति ने स्वयं को भूस्वामी दर्शाकर स्टाम्प पेपर के माध्यम से भूमि का विक्रय कर दिया।

ये है पूरा मामला
ग्राम कुबेरपुर की गाटा संख्या 170 स्थित भूखंड के मूल खातेदार फरजंद अली खां पुत्र विलायत अली खां थे। उनके विधिक वारिस अफ़सर अली खां और सरवर अली खां दशकों पहले भारत छोड़कर पाकिस्तान जा चुके हैं और वहां की नागरिकता ग्रहण कर चुके हैं। नियमानुसार, भारत छोड़कर पाकिस्तान जाने वाले व्यक्तियों की संपत्ति ‘शत्रु संपत्ति अधिनियम’ के दायरे में आती है। साथ ही यह भूमि वक्फ अभिलेखों में भी दर्ज बताई जा रही है।
आरोप है कि शफ़क़त अली खां उर्फ मियांलाल पुत्र हामिद अली खां जो मूल रूप से सिकंदरपुर महमूद (थाना शमशाबाद) के निवासी हैं और वर्तमान में कुबेरपुर में रह रहे हैं, का नाम इस भूमि की खतौनी में कहीं भी दर्ज नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने धड़ल्ले से खुद को मालिक बताते हुए स्टाम्प पेपर के जरिए इस विवादित भूमि का सौदा कर दिया।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध सौदे को तत्काल शून्य घोषित किया जाए और आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। शत्रु संपत्ति और वक्फ बोर्ड की जमीन होने के कारण इस भूखंड की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। बिना किसी वैध मालिकाना हक के स्टाम्प पर किए गए इस विक्रय ने तहसील प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजपुर बांगर में रास्ते के विवाद से हिंसक झड़प, एक घायल आगरा रेफर

0

 

मथुरा
थाना जैत क्षेत्र के गांव राजपुर बांगर में सोमवार रात रास्ते के विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों में छिपने को मजबूर हो गए।

जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे गांव के मनीष और राहुल स्कूटी से घर लौट रहे थे, तभी सामने से दीपक अपनी कार लेकर आ गया। रास्ता निकालने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही बढ़कर मारपीट में बदल गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंच गए और एक-दूसरे पर हमला कर दिया।

झड़प के दौरान जमकर पथराव हुआ और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान कई राउंड फायरिंग जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे दहशत और बढ़ गई। हालांकि पुलिस ने फायरिंग की पुष्टि से इनकार किया है और इसे भ्रम बताया है।

घटना में एक पक्ष के राहुल के सिर में गंभीर चोट आई, जिन्हें पहले वृंदावन के सौ-शैय्या अस्पताल ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया। मनीष को भी चोटें आई हैं, जबकि दूसरे पक्ष के राजेश सैनी घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।

सूचना मिलते ही थाना जैत पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बहाल कर दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

थाना प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि फायरिंग की बात सही नहीं है और पास के एक शादी समारोह में चल रहे पटाखों की आवाज को लोगों ने गोली चलने की आवाज समझ लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सिविल बार के चैंबरों में भीषण आग, पांच चैंबर जलकर राख

0

बदायूं
मंगलवार सुबह कलक्ट्रेट रोड स्थित सिविल बार के सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अधिवक्ताओं के चैंबरों में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और पूरे इलाके में धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही आसपास मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। घटना कोतवाली सिविल लाइंस क्षेत्र की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।

दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों की कड़ी कोशिशों के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका, लेकिन तब तक पांच चैंबर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। आग में रखे गए महत्वपूर्ण दस्तावेज, केस फाइलें, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान भी नष्ट हो गया।

घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंच गए। अपने चैंबरों और केस फाइलों को जलता देख वकीलों में गहरा आक्रोश और निराशा देखने को मिली। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस नुकसान से कई मामलों की कानूनी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

इसी बीच शहर में एक और घटना भी सामने आई, जहां स्टेशन रोड पर एक पुराना पेड़ अचानक गिर गया। इस घटना में दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और बिजली लाइन टूटने से इलाके में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि गनीमत रही कि उस समय कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

नगर पालिका और बिजली विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सड़क से पेड़ हटाकर यातायात बहाल किया। दोनों घटनाओं के बाद शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

श्रीराम जानकी मठ में जिंदा समाधि की घोषणा से तनाव, पुलिस-प्रशासन अलर्ट

0

 

बाराबंकी
असंद्रा थाना क्षेत्र के भवनियापुर स्थित श्रीराम जानकी मठ मंगलवार को उस समय संवेदनशील केंद्र बन गया, जब मठ के महंत मुकुंदपुरी ने जिंदा समाधि लेने की घोषणा कर दी। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मठ परिसर में इकट्ठा हो गए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मठ परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। मौके पर एसडीएम, सीओ और स्थानीय पुलिस अधिकारी लगातार मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक टीम लगातार महंत को उनके फैसले से पीछे हटाने की कोशिश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद मठ की जमीन और संपत्ति को लेकर चल रहा है। महंत मुकुंदपुरी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी और अपंजीकृत वसीयत के जरिए मठ की करोड़ों की संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली थी। इस मामले में प्रशासन ने 24 अगस्त 2023 को वसीयत को निरस्त कर संपत्ति को मूल खातेदार के नाम करने का आदेश दिया था, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो सका।

प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी और समाधान न निकलने से महंत नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि 20 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं हुई तो वे 21 अप्रैल को जिंदा समाधि ले लेंगे। निर्धारित तारीख पर अपने फैसले पर अड़े रहने की वजह से हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।

मठ परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई है, जिससे स्थिति को संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। अधिकारी लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, महंत ने पहले भी इसी तरह की चेतावनी दी थी जिसे प्रशासन ने समय रहते रोक दिया था। लेकिन इस बार मामला अधिक गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि महंत अपने निर्णय से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

यूपी में भीषण गर्मी का कहर: 44.6°C तक पहुंचा पारा, 26 जिलों में लू का अलर्ट

0

लखनऊ
इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। प्रयागराज में पारा 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के 26 जिलों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन जिलों में लू को लेकर चेतावनी जारी की है।
राजधानी से लेकर काशी और कानपुर तक तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आमतौर पर चहल-पहल से भरे रहने वाले काशी के घाटों पर इस बार सन्नाटा देखने को मिल रहा है। लोग दिन के समय घरों में रहने को मजबूर हैं और सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है।
गर्मी का असर अब स्वास्थ्य और परिवहन दोनों पर दिखाई देने लगा है। मेरठ में चलती सीएनजी बस में आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें करीब 50 से अधिक यात्रियों ने समय रहते बस से कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं आगरा में ताजमहल घूमने आए एक पर्यटक की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जबकि कई अन्य पर्यटकों को भी गर्मी के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
भीषण गर्मी को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब 8वीं कक्षा तक के सरकारी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगे। यह पहले दोपहर 2 बजे तक होते थे। शिक्षकों को 1:30 बजे तक ड्यूटी पर रहना होगा। वहीं मदरसों में भी यही समय लागू किया गया है, जबकि निजी स्कूलों के समय का निर्णय प्रबंधन पर छोड़ दिया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र के आसपास बने एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम के कारण प्रदेश में अगले 4 से 5 दिनों तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कई जिलों में पारा 45 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है, क्योंकि फिलहाल गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

किराए के कमरे में युवक और पालतू कुत्ते का शव मिला, पुलिस जांच में जुटी

0

बरेली
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक किराए के मकान के बंद कमरे से एक युवक और उसके पालतू कुत्ते का शव बरामद हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान निखिल अरोड़ा (33 वर्ष) के रूप में हुई है, जो डेलापीर इलाके में किराए के मकान में रहता था। वह रोजाना सुबह अपने मौसेरे भाई के घर नाश्ता और खाना खाने जाता था, लेकिन घटना वाले दिन वह नहीं पहुंचा और उसका फोन भी बंद मिला, जिसके बाद परिजन चिंतित हो गए।

परिजनों द्वारा सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी देर तक आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां निखिल और उसका पालतू कुत्ता मृत अवस्था में मिले।

कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को सल्फास की खाली डिब्बी और कुछ अन्य संदिग्ध सामग्री मिली है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है और उसके साथ ही पालतू कुत्ते की भी मौत हुई है।

पुलिस के अनुसार, कमरे से कुछ खाद्य सामग्री भी बरामद हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि जहर किसी पेय या खाने में मिलाया गया हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की बात कही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, निखिल अपने पालतू कुत्ते से बेहद लगाव रखता था और अक्सर उसे अपने साथ ही रखता था। इसी वजह से पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से यह कदम तो नहीं उठाया गया।

फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।