लखनऊ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कठोर और व्यवस्थित प्रशिक्षण के कारण प्रदेश का पुलिस बल आज पहले से अधिक सक्षम और प्रभावी बना है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण का महत्व बताते हुए अक्सर कहा जाता है—“ट्रेनिंग में जितना पसीना बहेगा, उतना कम खून बहेगा।” उनके अनुसार अनुशासन ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है, जो उसे हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार करता है।
उन्होंने बताया कि बदलते अपराध के स्वरूप को देखते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थानों की स्थापना की जा चुकी है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए पीएसी की तीन महिला बटालियन भी गठित की गई हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति को सख्ती से लागू किया गया है। इसी के परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश में अब पहले की तरह दंगे नहीं होते और संगठित अपराध तथा माफिया तंत्र पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। सरकार की नीतियों और पुलिस की सक्रियता से आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का सीधा असर पुलिस बल के मनोबल पर पड़ा है। बेहतर संसाधन, प्रशिक्षण और स्पष्ट नीति के कारण पुलिसकर्मी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।


