नई दिल्ली
तीन दशक पुराने सनसनीखेज अपहरण और हत्या मामले में फरार चल रहे दोषी सलीम वास्तिक को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से पहचान छिपाकर गाजियाबाद के लोनी इलाके में रह रहा था और खुद को मृत घोषित कर चुका था। हाल ही में उसकी गतिविधियों के सामने आने के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
जांच में सामने आया कि सलीम वास्तिक वर्ष 1995 में हुए एक नाबालिग के अपहरण और हत्या मामले में दोषी था। उसने अपने साथी के साथ मिलकर एक कारोबारी के बेटे का अपहरण किया था और फिर उसकी हत्या कर दी थी। अदालत ने 1997 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, फरार होने के बाद आरोपी ने खुद को मृत घोषित कर दिया और नई पहचान के साथ लोनी में रहने लगा। इस दौरान उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होकर एक यूट्यूबर के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली, जिससे लंबे समय तक वह कानून की नजरों से बचा रहा।
हाल ही में हुए एक हमले के बाद उसका नाम फिर से चर्चा में आया, जिसके बाद पुलिस की अपराध शाखा ने उसकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी। अब उसे अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अपराधी कितनी भी चालाकी से अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करें, कानून के हाथ लंबे होते हैं। 31 साल बाद भी न्याय की प्रक्रिया ने आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया, जिससे पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।


