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Thursday, April 16, 2026
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सचेंडी में ड्रोन से बड़ी कार्रवाई: गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

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कानपुर
सचेंडी कस्बे में बुधवार देर शाम पुलिस ने हाईटेक तरीके से बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों के ठिकाने पर छापा मारा। इस ऑपरेशन में तीन ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की गई और करीब 70 पुलिसकर्मियों ने इलाके को चारों तरफ से घेरकर तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने दौड़ाकर सात महिलाओं समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार लोगों में माया गिहार, करिश्मा गिहार, दीपा और इंद्रपाल गिहार शामिल हैं। इनके पास से 3.3 किलो गांजा और लगभग 92 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार सचेंडी थाने से कुछ ही दूरी पर लंबे समय से चल रहा था। एडीसीपी क्राइम सुमित रामटेके और ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में ड्रोन की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिससे कई लोग भागते हुए कैमरे में कैद हो गए।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पान मसाला की गुमटियों की आड़ में गांजा बेचने का काम कर रहे थे। छोटे-छोटे पैकेट यानी पुड़िया बनाकर करीब 50 रुपये में बिक्री की जा रही थी, और रोजाना बड़ी मात्रा में इसकी सप्लाई की जाती थी।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी गिरोह की सप्लाई लाइन मध्य प्रदेश और स्थानीय इलाकों तक फैली हो सकती है। पुलिस ने साफ किया है कि ड्रोन और तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे अवैध कारोबारों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बुलडोजर कार्रवाई: सरकारी जमीन पर बने ईदगाह और इमामबाड़े को किया गया ध्वस्त

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संभल
गुरुवार सुबह एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर ऐक्शन देखने को मिला। संभल कोतवाली क्षेत्र के बिछोली गांव में ईदगाह और इमामबाड़े पर भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में कार्रवाई की गई, जहां बुलडोजरों से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई करीब सात बीघा चारागाह भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए की गई है। आरोप है कि इसी सरकारी जमीन पर ईदगाह और इमामबाड़ा का निर्माण किया गया था। मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद लेखपाल ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दाखिल की थी।

इसके बाद 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर समाचार पत्रों में नोटिस प्रकाशित किया गया, जिसमें कब्जेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। हालांकि तय समय सीमा में कोई भी पक्ष सामने नहीं आया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

गुरुवार सुबह एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान इलाके में कई थानों की पुलिस और एक कंपनी पीएसी तैनात रही ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जब पहले कब्जा हटाने के लिए समय दिया गया था, तब निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नियमों के तहत बुलडोजर कार्रवाई करते हुए अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस निगरानी जारी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव मामले पर आज अहम सुनवाई, समय पर चुनाव कराने की मांग तेज

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प्रयागराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर आज सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच द्वारा की जाएगी। इससे पहले इस मामले की सुनवाई 8 अप्रैल को टल चुकी थी, जिससे यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन ने कोर्ट में दलील दी है कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता, इसलिए चुनाव समय पर कराना अनिवार्य है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि चुनाव प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध कार्यक्रम कोर्ट के सामने रखा जाए।

इस मामले में 17 मार्च को पहली सुनवाई हुई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल किया था कि पंचायत चुनाव तय समय सीमा के भीतर क्यों नहीं कराए जा रहे हैं। साथ ही कोर्ट ने आयोग से यह भी पूछा था कि क्या वह 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव समय पर कराने की स्थिति में है या नहीं।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना और प्रक्रिया में राज्य सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं आयोग ने यह भी बताया कि चुनाव की तैयारियों में मतदाता सूची पुनरीक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का समय लगता है, जिससे समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

इधर, चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची और प्रशासनिक अमले की व्यस्तता जैसी कई वजहों से चुनाव प्रक्रिया में देरी की संभावना जताई जा रही है। पंचायतों का मौजूदा कार्यकाल 2 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में समय पर चुनाव कराना एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी मुद्दा बन गया है।

फिलहाल सभी की नजरें हाईकोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह तय हो सकता है कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे या फिर कार्यक्रम में कोई बदलाव किया जाएगा।

सीएम योगी का बड़ा बयान: “अब थानों पर हमला करने वालों का काम तमाम कर दिया जाएगा”

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गोरखपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति या समूह थानों पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश की तो “उसका काम तमाम कर दिया जाएगा।”

सीएम योगी ने 2017 के बाद पुलिस व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में पुलिस बल के आधे से ज्यादा पद खाली थे, लेकिन पिछले 9 वर्षों में सरकार ने 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है। उन्होंने दावा किया कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था और मजबूत हुई है और पुलिस व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ हुई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बने नए सुरक्षा भवनों का उद्घाटन भी किया। करीब 9 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से बने ये भवन स्टिल्ट प्लस चार मंजिल संरचना वाले हैं, जिनमें पुलिस अधिकारियों के कार्यालय, कंट्रोल रूम, स्टोर रूम और मेंटेनेंस वर्कशॉप जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

सीएम योगी ने कहा कि इन भवनों में एक साथ 100 पुलिसकर्मी और अधिकारी रह सकते हैं और सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य पुलिस बल को केवल भर्ती करना ही नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देना भी है, ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण से पुलिस की कार्यक्षमता में बड़ा सुधार आया है। पहले जहां प्रशिक्षण क्षमता सीमित थी, वहीं अब एक साथ 60 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि यही बदलाव यूपी में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सुशासन की पहचान बन रहा है।

यमुना नाव हादसा: सातवें दिन मिला अंतिम लापता शव, मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हुई

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वृंदावन
यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में लापता चल रहे पंकज मल्होत्रा का शव सातवें दिन बरामद कर लिया गया है। उनका शव हादसे स्थल से करीब ढाई किलोमीटर दूर देवरहा घाट और पानीगांव पुल के नीचे मिला, जहां पानी में फूलने के कारण शव ऊपर आ गया था। गोताखोरों और सेना के जवानों की मदद से शव को बाहर निकाला गया।

इस शव की बरामदगी के साथ ही इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इससे पहले भी कई शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए जा चुके थे, जिससे लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन समाप्ति की ओर पहुंच गया है। प्रशासन ने अब अंतिम चरण की तलाशी और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है।

इससे पहले सोमवार को भी दो और शव बरामद हुए थे, जिनमें एक महिला और एक युवक शामिल थे। महिला की पहचान लुधियाना निवासी मोनिका टंडन के रूप में हुई थी, जबकि युवक की पहचान यश भल्ला (22) के रूप में की गई थी। दोनों ही श्रद्धालु धार्मिक यात्रा पर वृंदावन आए थे और नाव दुर्घटना का शिकार हो गए थे।

यह हादसा 10 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे उस समय हुआ था जब श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में अचानक पलट गई। घटना के बाद से ही NDRF, SDRF, PAC और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। लगभग 250 लोगों की टीम ने कई दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण काम चुनौतीपूर्ण रहा।

फिलहाल प्रशासन ने सभी शवों की बरामदगी के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

आरटीई प्रवेश अभियान तेज: 90 हजार सीटों पर नामांकन के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय

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लखनऊ
प्रदेश में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। नए शैक्षणिक सत्र में 1.95 लाख सीटों के मुकाबले अब तक करीब 1.05 लाख बच्चों का प्रवेश हो चुका है, जबकि लगभग 90 हजार सीटें अभी भी खाली हैं। इन शेष सीटों को भरने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रवेश की अंतिम तिथि एक सप्ताह और बढ़ा दी है।

विभाग के अनुसार, बचे हुए बच्चों के प्रवेश के लिए सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। समग्र शिक्षा के उपनिदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि चयनित बच्चों का प्रवेश हर हाल में कराया जाए। इसके लिए रोजाना गूगल शीट के माध्यम से रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है, ताकि राज्य स्तर पर निगरानी की जा सके।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन निजी स्कूलों द्वारा आरटीई के तहत प्रवेश देने में आनाकानी की जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं और प्रवेश प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

इस बार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया गया था और प्रयास किया गया कि अप्रैल से पहले ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हो जाए। हालांकि, सीटों के खाली रहने के कारण अब अंतिम अवसर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिल सके।

इसी बीच राज्य में अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक तैयारियां भी चल रही हैं, जिनमें होमगार्ड भर्ती परीक्षा शामिल है। इसके लिए 25 से 27 अप्रैल के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी और सुरक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। परीक्षा में लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन सतर्क है।