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Friday, April 24, 2026
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नगर निगम का विशेष सत्र बना विवाद का अखाड़ा, विपक्ष का बहिष्कार

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लखनऊ। संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक के गिरने के बाद राजधानी लखनऊ में सियासत उबाल पर है। मुद्दे को लेकर नगर निगम में बुलाया गया विशेष सत्र अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। मेयर की पहल पर बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य निंदा प्रस्ताव पारित करना बताया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक स्टंट करार देते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया।
नगर निगम के इस विशेष सत्र में जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, माहौल गरमा गया। ममता चौधरी ने सीधे मेयर पर सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर इस विशेष सदन को बुलाने का औचित्य क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े मूल मुद्दों—जैसे पानी, सड़क और सफाई—को दरकिनार कर राजनीतिक एजेंडा चलाया जा रहा है।
वहीं समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पार्षदों ने एकजुट होकर सदन का बहिष्कार कर दिया। उनका आरोप है कि यह पूरा सत्र सिर्फ दिखावे और राजनीतिक लाभ के लिए बुलाया गया है, जबकि शहर की जमीनी समस्याओं पर कोई चर्चा नहीं हो रही।
सूत्रों के मुताबिक, विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन विधेयक के गिरने पर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी थी। लेकिन विपक्ष की गैरमौजूदगी में यह प्रस्ताव कितना प्रभावी होगा, इस पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्थानीय निकायों में इस तरह के मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना असामान्य नहीं है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष ने इसे ‘राजनीतिक नौटंकी’ करार दिया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

एसटीइएम में महिलाएं: प्रगति, नीतियां और लगातार चुनौतियाँ

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डॉ विजय गर्ग
21वीं सदी में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित ( एसटीइएम ) आर्थिक विकास और नवाचार की रीढ़ बन गए हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी न केवल लैंगिक समानता का मामला है, बल्कि सतत विकास के लिए भी आवश्यक है। यद्यपि वैश्विक स्तर पर और भारत में प्रगति हुई है, फिर भी महत्वपूर्ण अंतराल बना हुआ है।

एसटीइएम में महिलाओं की स्थिति

आज महिलाएं एसटीइएम शिक्षा में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। भारत में उच्च शिक्षा में एसटीइएम नामांकन का लगभग 43% हिस्सा महिलाओं का है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है। हालाँकि, यह आशाजनक आंकड़ा एक गहरे मुद्दे को छुपाता है। अनुसंधान एवं विकास में केवल 18.6% एसटीइएम पेशेवर महिलाएं हैं।

वैश्विक स्तर पर, एसटीइएम स्नातकों में महिलाओं का हिस्सा केवल 35% है, यह संख्या वर्षों से स्थिर बनी हुई है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रकाश डालता है जिसे अक्सर “सीकतापूर्ण पाइपलाइन” के रूप में वर्णित किया जाता है, जहां महिलाएं एसटीइएम शिक्षा में प्रवेश करती हैं, लेकिन नेतृत्व या शोध पदों पर पहुंचने से पहले धीरे-धीरे पढ़ाई छोड़ देती हैं।

एसटीइएम में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकारी पहल

एसटीइएम में महिलाओं के महत्व को पहचानते हुए, सरकारों ने विशेष रूप से भारत में कई पहल शुरू की हैं

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020: समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे लड़कियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी का अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना: वंचित पृष्ठभूमि की लड़कियों के लिए आवासीय स्कूली शिक्षा प्रदान करती है, जिससे एसटीइएम शिक्षा तक पहुंच में सुधार होता है।

बेती बचाओ, बेटी पढ़ाओ: लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है।

विंग्स छात्रवृत्ति (आईआईटी बॉम्बे): एसटीइएम पाठ्यक्रमों में महिलाओं के लिए पूर्ण ट्यूशन सहायता प्रदान करता है, जिससे वित्तीय बाधाएं कम होती हैं।

इन पहलों का उद्देश्य लिंग अंतर को पाटना, पहुंच बढ़ाना और महिलाओं के लिए एसटीइएम करियर में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर पैदा करना है।

महिलाओं को सशक्त बनाने में शिक्षा की भूमिका

शिक्षा एसटीइएम में महिलाओं की भागीदारी को आकार देने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाती है

प्रारंभिक संपर्क: लड़कियों को कम उम्र से ही विज्ञान और गणित में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने से आत्मविश्वास और रुचि बढ़ती है।

कौशल विकास: गुणवत्तापूर्ण एसटीइएम शिक्षा महिलाओं को आधुनिक करियर के लिए आवश्यक तकनीकी और समस्या-समाधान कौशल प्रदान करती है।

मार्गदर्शन और रोल मॉडल: सफल महिला वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से परिचित होना युवा लड़कियों को भी इसी तरह के मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

डिजिटल साक्षरता: एआई और प्रौद्योगिकी के युग में, डिजिटल उपकरणों और प्रशिक्षण तक पहुंच महत्वपूर्ण है।

शैक्षिक संस्थानों को समावेशी वातावरण का निर्माण करना चाहिए जो जिज्ञासा, रचनात्मकता और समान भागीदारी का समर्थन करे।

एसटीइएम में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियां

प्रगति के बावजूद, महिलाओं को कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है

1। सामाजिक मानदंड और लिंग संबंधी रूढ़िवादिता

पारंपरिक मान्यताएं अक्सर लड़कियों को तकनीकी करियर बनाने से हतोत्साहित करती हैं, तथा उन्हें पारंपरिक भूमिकाओं की ओर ले जाती हैं।

2। कार्यस्थल पूर्वाग्रह और भेदभाव

महिलाओं को अक्सर नेतृत्व की भूमिकाओं में असमान वेतन, सीमित पदोन्नति और कम प्रतिनिधित्व का सामना करना पड़ता है।

3। लीकी पाइपलाइन

कई महिलाएं सहायता की कमी, पारिवारिक जिम्मेदारियों या कैरियर में ब्रेक के कारण एसटीइएम करियर को बीच में ही छोड़ देती हैं।

4। मार्गदर्शन और रोल मॉडल का अभाव

मार्गदर्शन और नेटवर्क तक सीमित पहुंच कैरियर विकास और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।

5। कार्य-जीवन संतुलन चुनौतियां

पेशेवर मांगों को व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ संतुलित करने से अक्सर कमजोरी पैदा होती है।

6। विश्वास अंतर

अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाएं अक्सर गणित और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को कम आंकती हैं, जिससे उनकी दृढ़ता पर प्रभाव पड़ता है।

आगे का रास्ता

एसटीइएम में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है

लिंग-संवेदनशील पाठ्यक्रम के साथ शिक्षा प्रणालियों को मजबूत करना

मार्गदर्शन कार्यक्रमों और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित करना

लचीले कार्य वातावरण और पुनः प्रवेश के अवसर पैदा करना

नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं को बढ़ावा देना

रूढ़िवादिता और सांस्कृतिक बाधाओं को चुनौती देने के लिए जागरूकता बढ़ाना

निष्कर्ष
एसटीइएम में महिलाएं सिर्फ प्रतिभागी नहीं हैं। वे नवप्रवर्तक, नेता और परिवर्तनकर्ता हैं। जबकि सरकारी पहलों और शैक्षिक सुधारों से रास्ते बन गए हैं, एसटीइएम में वास्तविक लैंगिक समानता की दिशा में यात्रा जारी है। इस अंतर को पाटना न केवल सामाजिक आवश्यकता है, बल्कि आर्थिक अनिवार्यता भी है। एसटीइएम में महिलाओं को सशक्त बनाने का अर्थ है किसी देश की पूरी क्षमता का द्वार खोल देना।
डॉ विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधान शैक्षिक स्तंभकार प्रख्यात शिक्षाशास्त्री स्ट्रीट कौर चंद एमएचआर मलोट पंजाब

छात्र जीवन जो सपनों को उड़ा देता है

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डॉ. विजय गर्ग
छात्र जीवन मानव जीवन का सबसे सुखद, संवेदनशील और रचनात्मक दौर होता है। यह वह समय होता है जब बच्चे सपने देखना सीखते हैं और उन सपनों को साकार करने के लिए परिश्रम की राह पर चलते हैं। इस दौर में पाए गए संस्कार, शिक्षा और अनुभव सभी जीवन का आधार बन जाते हैं।

सपनों की शुरुआत

हर छात्र के दिल में कई सपने होते हैं। कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर, कोई शिक्षक या कलाकार बनना चाहता है। ये सपने सिर्फ कल्पना नहीं होते बल्कि भविष्य की दिशा दिखाते हैं। विद्यार्थी जीवन वह मंच है जहां ये सपने जीने और उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाते हैं।

शिक्षा की शक्ति

शिक्षा न केवल छात्र को पाठ्य ज्ञान प्रदान करती है, बल्कि उसे सोचने, समझने और निर्णय लेने में भी सहायता करती है। शिक्षित छात्र अपने सपनों को वास्तविकता बनाने के लिए मजबूत आधार रखता है। स्कूल और कॉलेज के अनुभव उसके बयानबाजी को निखारते हैं।

अनुशासन और परिश्रम

सपने को साकार करने के लिए केवल सोचना ही पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए अनुशासन, समय की सराहना और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। छात्र जीवन में बनाई गई अच्छी आदतें जैसे नियमित अध्ययन, सही समय प्रबंधन और ध्यान केंद्रित करना भविष्य की सफलता की कुंजी हैं।

चुनौतियां और शिक्षा

इस दौर में विद्यार्थियों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रतिस्पर्धात्मकता का दबाव, परिणाम की चिंता और सामाजिक अपेक्षाएं। लेकिन ये चुनौतियां ही उन्हें मजबूत बनाती हैं। असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ना ही सच्ची सफलता का संकेत है।

शिक्षक और माता-पिता की भूमिका

शिक्षक और माता-पिता छात्र के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। उनकी प्रेरणा और सहयोग से छात्र अपने सपनों को पहचानता है और उन्हें पूरा करने का साहस करता है। एक सही दिशा और उत्साह के साथ, छात्र असंभव भी संभव बना सकता है।

परिणाम

छात्र जीवन सिर्फ पढ़ाई का दौर नहीं बल्कि सपनों को उड़ाने का समय है। इस वक्त का सही फायदा उठाकर हर विद्यार्थी अपना भविष्य उज्जवल बना सकता है। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ उड़ने वाले सपने ही जीवन को सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
डॉ. विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शैक्षिक स्तंभकार मलोट पंजाब

पुरानी रंजिश में फायरिंग व मारपीट, कई घायल – हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

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अमृतपुर/ फर्रुखाबाद

थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम रामपुर जोगराजपुर में पुरानी रंजिश के चलते रविवार रात विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों के साथ फायरिंग कर दी। घटना में पीड़ित बाल-बाल बच गया, जबकि मारपीट में उसके परिजन घायल हो गए।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, जानबूझकर चोट पहुंचाने, मारपीट, आपराधिक कृत्य में सहभागिता तथा अवैध रूप से हथियार के उपयोग जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
तहरीर के अनुसार, पीड़ित अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान गांव के ही धर्मपाल, प्रेमचंद, रामचंद्र (पुत्रगण इन्द्रजीत) व विश्राम (पुत्र श्रीराम) एक राय होकर लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने हमला बोल दिया।
आरोप है कि धर्मपाल के हाथ में लाइसेंसी रायफल थी, जिससे उसने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली पीड़ित के कान के पास से गुजर गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित और उसके परिजनों के साथ जमकर मारपीट की।
इस घटना में पीड़ित की पुत्री शिवानी, पुत्र शिवम तथा भाई सुशील सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब कहीं जाकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है और आरोपियों की तलाश कर जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

आज का राशिफल

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युवाओं, नौकरीपेशा, छात्रों और व्यापारियों के लिए आज का दिन कई मायनों में निर्णायक साबित हो सकता है। ग्रहों की चाल जहां कुछ राशियों के लिए तरक्की के द्वार खोल रही है, वहीं कुछ को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। पढ़िए आज का विस्तृत राशिफल—
♈ मेष राशि
आज का दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा, लेकिन जल्दबाजी नुकसान करा सकती है। करियर में नए मौके मिलेंगे, पर निर्णय सोच-समझकर लें। छात्र वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में तनाव संभव है।
♉ वृषभ राशि
आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
♊ मिथुन राशि
आज का दिन चुनौतीपूर्ण रह सकता है। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। किसी भी विवाद में पड़ने से बचें। छात्रों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
♋ कर्क राशि
भाग्य का साथ मिलेगा। निवेश के लिए समय अनुकूल है। व्यापारियों को बड़ा लाभ हो सकता है। परिवार में कोई शुभ कार्य होने के संकेत हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
♌ सिंह राशि
आज आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। खर्च बढ़ सकते हैं। किसी करीबी से विवाद हो सकता है। नौकरी में दबाव रहेगा। यात्रा टालना बेहतर रहेगा।
♍ कन्या राशि
आज का दिन आपके लिए लाभकारी रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में सराहना मिलेगी। छात्रों को सफलता मिलेगी। प्रेम संबंध मजबूत होंगे।
♎ तुला राशि
करियर में उन्नति के योग हैं। नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर रह सकता है, ध्यान रखें।
♏ वृश्चिक राशि
आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला है। व्यापार में लाभ होगा, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। छात्रों के लिए दिन सामान्य रहेगा।
♐ धनु राशि
भाग्य आपका साथ देगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। परिवार में खुशहाली रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
♑ मकर राशि
आज सतर्क रहने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। कार्यस्थल पर तनाव हो सकता है। परिवार में मतभेद संभव हैं।
♒ कुंभ राशि
आज का दिन शुभ रहेगा। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में सफलता मिलेगी। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी।
♓ मीन राशि
आज आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सुख-शांति रहेगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
(यूथ इंडिया अलर्ट):
आज कई राशियों के लिए अवसरों की बाढ़ है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। युवाओं को खासतौर पर करियर और निवेश से जुड़े फैसलों में सतर्क रहने की जरूरत है।

JEE Main 2026 रिजल्ट जारी, 26 छात्रों को 100 परसेंटाइल; आरुष सिंघल को AIR 1

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नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए कैंडिडेट्स जेईई मेन की आधिकारिक वेबसाइट jeemain।nta।nic।in पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अलावा रिजल्ट एनटीए की वेबसाइट nta।ac।in पर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही NTA ने जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 को मिलाकर स्कोर और परसेंटाइल भी जारी किया है। इस साल Session 2 में करीब 11।23 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जो इस परीक्षा की लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। बात करें रिजल्ट की तो पेपर 1 (BE/BTech) के लिए लगभग 11।06 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसमें से करीब 93% छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। यह आंकड़ा बताता है कि JEE Main अब भी देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक बना हुआ है।

जेईई मेन सेशन 2 रिजल्ट जारी होने के बाद अब संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। यह काउंसलिंग छह चरणों में आयोजित की जाएगी और इसके माध्यम से देशभर में मौजूद एनआईटी, आईआईईएसटी, आईआईआईटी, जीएफटीटीआई और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। अगर JoSAA काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं, तो केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड (सीएसएबी) अतिरिक्त चरण आयोजित करता है, जिसका पूरा शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट josaa.admissions.nic.in पर उपलब्ध होगा।

जो छात्र इस परीक्षा में क्वालिफाई कर चुके हैं, वे अब JEE Advanced 2026 के लिए पात्र होंगे। यह परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की जाएगी, जो भारत के प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश का मुख्य द्वार मानी जाती है। बता दें कि, JEE Main का कट-ऑफ परसेंटाइल बेहद महत्वपूर्ण होता है। यही तय करता है कि कौन सा छात्र JEE Advanced के लिए योग्य होगा और आगे JoSAA Counselling में भाग ले सकेगा। कट-ऑफ हर साल छात्रों की संख्या, पेपर की कठिनाई और प्रदर्शन के आधार पर बदलता है।

NTA द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, छात्रों के स्कोर की गणना दो चरणों में होती है। सबसे पहले Raw Score निकाला जाता है, हर सही उत्तर के लिए +4 अंक और हर गलत उत्तर के लिए -1 अंक होते हैं। इसके बाद, चूंकि परीक्षा कई शिफ्ट्स में होती है, इसलिए इन Raw Scores को नॉर्मलाइज किया जाता है। यही नॉर्मलाइज्ड स्कोर आगे चलकर NTA Score (Percentile) में बदलता है।

JEE Main 2026 रिजल्ट में कुल 26 कैंडिडेटस 100 परसेंटाइल हासिल करने में सफल रहे हैं। इसमें 24 जनरल कैटेगरी से हैं तो वहीं एक EWS और एक कैंडिडेट ओबीसी NCL कैटेगरी से है।

  1. आरूष सिंघल-चंडीगढ़
  2. जोनाला रोशन मणिदीप रेड्डी-आंध्र प्रदेश
  3. श्रेयस मिश्रा-दिल्ली
  4. मान्ता शिव कामेश-तेलंगाना
  5. सिद्धार्थ श्रीकांत अठाले-महाराष्ट्र
  6. नरेंद्रबाबू गारी माहित- आंध्र प्रदेश
  7. तुंका दुर्गा सुप्रभात-आंध्र प्रदेश
  8. अर्नव गांधी-हरियाणा
  9. शुभम कुमार-बिहार
  10. आदित्य गुप्ता-दिल्ली
  11. तम्मिना गिरीश- तमिल नाडु
  12. कबीर छिल्लर -राजस्थान
  13. चिरंजीव कर-राजस्थान
  14. भावेश पात्रा -ओडिशा
  15. अनय जैन-हरियाणा
  16. अथर्व पंजाबी-दिल्ली
  17. अर्नव गौतम-राजस्थान
  18. डोरानला भावितेश रेड्डी-तेलंगाना
  19. पासाला मोहित-आंध्र प्रदेश
  20. माधव विरादिया-महाराष्ट्र
  21. पुरोहित निमय-गुजरात
  22. साई रित्विक रेड्डी वेंकटरेड्डी वल्ला- तेलंगाना
  23. विवान शरद महाश्वरी-तेलंगाना
  24. बिज्जम वेंकट चंद्र शेकर रेड्डी-आंध्र प्रदेश
  25. वाई अश्वर्धन-राजस्थान
  26. ऋषि प्रेमनाथ-तेलंगाना

जेईई मेन सेशन 2 रिजल्ट 2026 कैसे और कहां चेक करें

स्टेप 1 – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।

स्टेप 2- ‘JEE Main Session 2 Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।

स्टेप 3- एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड/जन्म तिथि दर्ज करें। डिटेल्स सब्मिट करें।

स्टेप 4- जेईई मेन सेशन – 2 का स्कोर कार्ड आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा।

स्टेप 5 – इसे डाउनलोड करें और भविष्य में उपयोग के लिए इसका प्रिंटआउट ले लें।