फतेहपुर
जिला अस्पताल में बिजली गुल होने के बाद चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार रात हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, रात के समय जिला अस्पताल में अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरे परिसर में अंधेरा छा गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अस्पताल का बैकअप सिस्टम यानी जनरेटर भी चालू नहीं किया गया।
बिजली न आने के कारण ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मजबूरी में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ा। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कम रोशनी में एक डॉक्टर मरीज के हाथ में वीगो लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि अन्य स्टाफ भी मोबाइल की रोशनी में काम करते नजर आ रहे हैं।
इस घटना को देखकर किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसमें जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने की मांग की गई है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि अस्पताल में जनरेटर मौजूद होने के बावजूद उसे क्यों नहीं चलाया गया, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि बिजली जाने की सूचना समय पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा दी गई थी या नहीं।
फिलहाल इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।


