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Monday, March 30, 2026
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‘भ्रष्टाचारियों के लिए भय का वातावरण’, लाल किले से बोले पीएम मोदी

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PM Modi
PM Modi

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार का जिक्र किया और इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। पीएम मोदी ने कहा, “समाज की मनोरचना में भी बदलाव कभी-कभी चुनौती का कारण बन जाता है। हमारा हर दिन देशवासी भ्रष्टाचार के दीमक से परेशान रहा है। हर स्तर के भ्रष्टाचार ने सामान्य व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास तोड़ दिया है। उसको अपनी योग्यता और क्षमता के प्रति जो नुकसान होता है, वो राष्ट्र का नुकसान है।”

उन्होंने आगे कहा कि हमने व्यापक रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जंग छेड़ा है। मैं जानता हूं कि इसकी कीमत मुझे और मेरी प्रतिष्ठा को चुकानी पड़ती है। लेकिन राष्ट्र से बड़ी मेरी प्रतिष्ठा नहीं हो सकती है।”

भ्रष्टाचारियों के लिए भय का वातावरण

पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि राष्ट्र के सपनों से बड़ा मेरा सपना नहीं हो सकता है और इसलिए ईमानदारी के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ तीव्र गति से लड़ाई जारी रहेगी। और भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई जरूर होगी। मैं भ्रष्टाचारियों के लिए भय का वातावरण पैदा करना चाहता हूं। देश के सामान्य नागरिकों को जो लूटने की परंपरा बनी है, उसे हमको रोकना है।

उन्होंने (PM Modi) आगे कहा कि समाज जीवन में उच्च स्तर पर एक परिवर्तन आया है, वो सबसे बड़ी चुनौती और चिंता है। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि मेरे ही देश में इतना महान संविधान होने के बावजूद कुछ ऐसे लोग निकल रहे हैं, जो भ्रष्टाचार का महिमामंडन कर रहे हैं, खुलेआम भ्रष्टाचार का जय-जयकार कर रहे हैं।

अगर भ्रष्टाचार का महिमामंड

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा, “समाज में इस प्रकार के बीजे बोने का जो प्रयास चल रहा है, भ्रष्टाचारियों की स्वीकार्यता बढ़ाने का जो निरंतर प्रयास चल रहा है, वो समाज के लिए बहुत बड़ी चुनौती और चिंता का विषय बन गया है। अगर भ्रष्टाचार का महिमामंडन होता है, तो जो भ्रष्टाचार नहीं करता है उसको भी लगता है कि ये तो समाज में प्रतिष्ठा का रंग बन जाता है।”

पापियों में डर पैदा करना जरूरी

पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि मैं यह भी कहना चाहूंगा कि जब भी महिलाओं के साथ बलात्कार या अत्याचार की घटनाएं होती हैं तो उसकी व्यापक चर्चा होती है। लेकिन जब ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के व्यक्ति को सजा मिलती है तो यह बात खबरों में नहीं बल्कि एक कोने तक ही सीमित रह जाती है। समय की मांग है कि सजा पाने वालों पर व्यापक चर्चा की जाए ताकि यह पाप करने वाले समझें कि इससे फांसी होती है। मुझे लगता है कि यह डर पैदा करना बहुत ज़रूरी है।”

78वां स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी ने किया ध्वजारोहण, बोले- राष्ट्रध्वज के प्रति अपना अलग भाव दिखाए

बता दें कि 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद देश को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए कई मुद्दों पर बात की। इसमें देश की चिंताओं से लेकर रिफॉर्म तक के मुद्दे शामिल रहे। पीएम मोदी ने कहा कि जब हम 40 करोड़ थे, तब हमने महासत्ता को हरा दिया था। आज तो हम 140 करोड़ हैं, देश को समृद्ध बनाना है।

78वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में शामिल हुआ Google, बनाया खास Doodle

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Independence Day
Google created a doodle on 78th Independence Day

देश में आज अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) मना रहा है। आजादी के इस जश्न में हर भारतीय हिस्सा ले रहा है। वहीं, सर्च इंजन गूगल (Google) गुरुवार को पारंपरिक दरवाजों पर आधारित एक विशेष डूडल (Doodle) के साथ दिवस को मना रहा है। डिलिटल कलाकृति में कंपनी के नाम के अक्षर ‘जी’, ‘ओ’, ‘ओ’, ‘जी’, ‘एल’ और ‘ई’ को प्रत्येक दरवाजे पर एक अलग डिजाइन के साथ दर्शाया गया है।

इंटरनेट दिग्गज ने एक नोट में कहा, “भारत की आजादी (Independence Day) का जश्म मनाने के लिए आज के Doodle को वृंदा झवेरी ने डिजाइन किया है। इस दिन 1947 में भारत ने औपनिवेशिक शासन से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की।”

इसमें आगे कहा गया, “भारत के लोग करीब दो शताब्दियों की असमानता, हिंसा और मौलिक अधिकारों की कमी के बाद स्वशासन और संप्रभुता की इच्छा रखते थे। महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस जैसी प्रमुख हस्तियों के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन सविनय अवज्ञा के जरिए संभव हुआ था।” इसमें कहा गया है कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों की लगन और बलिदान रंग लाई।

“स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर लोग ध्वजारोहण समारोहों, परेड, संगीत प्रदर्शन, सामुदायिक रैलियों आदि में शामिल होते हैं। घरों, इमारतों, सड़कों और वाहनों को राष्ट्रीय ध्वज से सजाया जाता है। लोग राष्ट्रगान जन गण मन भी गाते हैं। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं।”

78वां स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी ने किया ध्वजारोहण, बोले- राष्ट्रध्वज के प्रति अपना अलग भाव दिखाए

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CM Yogi
CM Yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 78वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुरुवार (15 अगस्त) को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ स्थित विधानभवन में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ध्वजारोहण करने के बाद संबोधित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। हम प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान के तहत अपने राष्ट्रध्वज के प्रति अपना अलग भाव दिखाए हैं।

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा कि प्रदेश में विकास योजनाओं को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। यूपी को जीरो पॉवर्टी स्टेट के रूप में तैयार करने में जुटे हैं। उन्होंने युवाओं के लिए नई योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियानकी घोषणा की।

उन्होंने (CM Yogi) कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को अगले कुछ वर्षों में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा।

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने एक्स पोस्ट के माध्यम से प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता की बधाई दी। उन्होंने लिखा, ‘प्रदेश वासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं! माँ भारती की स्वाधीनता के महायज्ञ में स्वयं की आहुति देने वाली सभी हुतात्माओं को कोटि-कोटि नमन! अपने अमर बलिदानियों के सपनों के भारत का निर्माण हम सभी की शीर्ष प्राथमिकता है। आइए, आज के पावन दिन हम सभी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण के लिए संकल्पित हों। वंदे मातरम्, जय हिंद!’

1857 में फर्रुखाबाद से फूटा था बगावत का बिगुल, शमसाबाद की लड़ाई में शहीद हुए थे 300 क्रान्तिकारी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद: आज हम अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर हम उन लाखों वीरों को नमन करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर हमें आजादी दिलाई। आजादी की इस लड़ाई में ऐसे भी कई अनगिनत वीर थे जिन्होंने गुमनामी में रहते हुए देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
1857 की क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का पहला संग्राम माना जाता है। इस ऐतिहासिक विद्रोह के दौरान फर्रुखाबाद न केवल क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र बना, बल्कि यहां की घटनाओं ने पूरे आंदोलन की दिशा को भी प्रभावित किया। यहाँ के क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ खुला विद्रोह किया। उन्होंने ब्रिटिश सेना के गोला-बारूद, हथियार और अन्य सैन्य सामग्री पर कई सफल हमले किए, जिससे अंग्रेजों की आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर खलल पड़ा। इस प्रकार की कार्रवाइयों ने विद्रोह की ताकत को बढ़ाया और क्रांतिकारी सेना के मनोबल को ऊंचा किया।
बताया जाता है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में फर्रुखाबाद क्षेत्र के 234 देशभक्तों को अपने देश को आजाद कराने की खातिर उम्र कैद व 161 लोगो को फांसी दी गई थी। उनकी स्मृति प्रतीक चिन्ह जैसे पीपल, इमली, नीम के पेड़ कई स्थानों पर आज भी देखने को मिलते है। यहां के लोगो ने कई लड़ाईया लड़ी जिसमें झन्नाखार की लड़ाई सबसे प्रमुख है, जिसमें हिन्दी मुस्लिम भाईयों ने मिलकर अंग्रेजों से मोर्चा लिया था।
स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायक मोहसिन अली खां की शहादत
1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में कायमगंज के मोहसिन अली खां ने क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा दी। वह न केवल इस ऐतिहासिक विद्रोह में भागीदार रहे, बल्कि विद्रोही सेना के प्रमुख नेता भी बने। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण युद्ध लड़े गए, जिसमें बिशनगढ़, सिकंदरपुर, पटियाली और शमशाबाद शामिल हैं।
विशेष रूप से 27 जनवरी 1858 को शमशाबाद में झन्नाखार पर लड़ा गया युद्ध अत्यंत महत्वपूर्ण था। इस संघर्ष में लगभग 300 क्रांतिकारी सैनिक शहीद हुए और अंग्रेजी सेना का लेफ्टिनेंट चार्ल्स थियोफिलस मेटकाफ मैकडॉवेल मारा गया तथा उसके कई साथी गंभीर रूप से घायल हुए। इस हार के बावजूद, क्रांतिकारियों का हौसला दुरुस्त रहा और विद्रोह की लहर और तेज हो गई।
मोहसिन अली खां और उनके साथियों ने ब्रिटिश सेना के गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामग्री पर कई बार हमले किए, जो बरेली से एटा होकर फरूखाबाद आता था। लेकिन एक अन्य लड़ाई के दौरान मोहसिन अली खां को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया और जनवरी 1859 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।
मोहसिन अली खां को एक चारपाई पर हाथ-पैर बांधकर शिविर में लाया गया, जहां सिविल कमिश्नरों द्वारा परीक्षण के बाद उन्हें कोड़े मारे गए और फिर फांसी पर चढ़ा दिया गया। उनकी फांसी शहर के एक चौक में एक पेड़ पर दी गई, जिससे उनकी शहादत ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन को और भी प्रेरित किया।
मोहसिन अली खां की शहादत ने विद्रोही सेना को नई ऊर्जा दी और स्वतंत्रता संग्राम की आग को और भडक़ाया। उनके बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा और उनके योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कासगंज से लेकर कन्नौज तक अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी लड़ाइयाँ
कायमगंज के मोहल्ला जटवारा (पृथ्वी दरवाज़ा) निवासी खुशनवाज़ खां एडवोकेट ने मोहसिन अली खां की वीरता और शहादत पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि, “मोहसिन अली खां ने 1857 और 1858 के दौरान कासगंज से लेकर कन्नौज तक अंग्रेजों के खिलाफ कई लड़ाइयाँ लड़ीं। उन्हें फर्रुखाबाद के लिंजिगंज में एक पेड़ पर फांसी दी गई थी। उनकी कब्र हमीरपुर खास स्थित पुराना नकासा (पशु बाजार) से पूर्वोत्तर दिशा में ईदगाह के पास बने एक मकबरे में है।

बाढ़ का कहर: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढऩे से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति विकट हो रही है।
जिले के कई इलाके जैसे नगला हूसा, शमशाबाद, और अमृतपुर में बाढ़ का पानी घुस चुका है। सडक़ों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। निचले इलाकों में बसे लोग अपने घरों को छोडक़र सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हो गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
प्रशासन की ओर से राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, जो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पानी, और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी डॉ. बी.के. सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
बाढ़ के कारण कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। बिजली के खंभे गिरने और ट्रांसफार्मरों के पानी में डूब जाने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। लोग पीने के पानी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि जलभराव के कारण हैंडपंप और ट्यूबवेल बंद हो गए हैं।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने आपदा के इस समय में संयम बनाए रखने और एकजुट होकर इस संकट का सामना करने की अपील की है।
प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, और यदि स्थिति और बिगड़ती है तो और भी राहत कार्यों को तेज किया जाएगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के संपर्क में रहें।
इस बीच, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दान और सहयोग की अपील भी की गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने राहत कार्यों में सहायता के लिए आगे आने का संकल्प लिया है।
फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, और अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

निष्फल हुआ जिलाधिकारी का आदेश कटी सडक़ पर नहीं पड़ सका रोडा

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। गंगा पार क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार सतर्क बना हुआ है। बीते सप्ताह जिला अधिकारी बीके सिंह ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया था और बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनके बारे में जानकारी हासिल की थी।
अधिकारियों और अपने मातहत कर्मचारियों के साथ वह तीसराम की मडैया जाने वाले रास्ते पर पहुंचे जहां वह सडक़ सैलाब के पानी से क्षतिग्रस्त हो गई थी। आवागमन बंद हो चुका था। नाव का सहारा लिया जा रहा था। उस कटे रास्ते को देखकर जिलाधिकारी ने आदेश दिए थे कि आवागमन के इस रास्ते पर ईंट पत्थर डालकर कटी हुई सडक़ को सुचारु किया जाए। परंतु काफी समय बीत जाने के बाद भी उस सडक़ के कटे स्थान पर अभी तक ईट पत्थर नहीं डाले गए। पानी भरे होने के कारण नाव की संख्या बढ़ा दी गई। जिसके सहारे से आवागमन शुरू हो गया। परंतु इस नाव पर कोई भी नाविक तैनात नहीं है। गांव वाले जोखिम उठाकर स्वयं इस नाव का संचालन करते हैं और तेज धार से आवागमन करते हैं। गांव वालों का कहना है कि अवरुद्ध मार्ग को जल्द ठीक कराया जाए जिससे दो पहिया वाहन वहा से निकल सके और आने-जाने में सुगमता हो सके। जिससे मुख्यालय तक और सब्जी बाजारों तक पहुंचकर जरूर की चीज खरीदकर घर लाई जा सके।